पानी की कमी और अधिकता दोनों ही हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। पानी की कमी से जहां हमें डि-हाइड्रेशन होने का खतरा होता है। वही पानी की अधिकता से ओवरहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है। वैसे तो हमें प्रतिदिन 7 से 8 गिलास पानी पीना चाहिए। पानी पीने से पाचन क्रिया सुचारू रूप से होती है। वैसे तो पानी पीने के बहुत सारे फायदे हैं लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीने के उतने ही नुकसान भी हैं। वैसे तो लोग यह मानते हैं कि पानी पीने से वजन घटता है और फैट बर्न होता है। बात तो यह सही है। लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीने से मोटापा बढ़ता है। ज्यादा सोडियम और कम पोटैशियम की वजह से हमें प्यास ज्यादा लगती है। जैसा कि हम जानते हैं नमक सोडियम है। इसलिए ज्यादा नमक खाने वाले को भी प्यास ज्यादा लगती है। शरीर में पानी ज्यादा होने पर सोडियम का स्तर कम होने लगता हैैैऔर शरीर मेें नुकसान होता है।
पानी हमारी किडनी में कैसे असर करता है
ज्यादा पानी पीने से हमारी किडनी पर इसका असर बहुत बुरा पड़ता है। जरूरत से ज्यादा पानी पीने से हमें बार-बार पेशाब आता है। जिसकी वजह से पानी बिना छने ही किडनी से बाहर निकल जाता है। जिसकी वजह से किडनी धीमी गति से काम करने लगती है। इससे किडनी से संबंधित बीमारियां शुरू हो जाती है। जैसे किडनी का फेल होना जैसा कि हम जानते हैं। ज्यादा पानी पीने से ओवरहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। ओवरहाइड्रेशन का असर भी सीधा किडनी पर ही होता है।
दिमाग पर भी बुरा प्रभाव
शरीर में ज्यादा पानी होने से सोडियम का लेबल तेजी से गिरने लगता है। जिसकी वजह से दिमाग में सूजन होने का खतरा बढ़ सकता है। जो कि एक खतरनाक बीमारी का जड़ बन सकता है। ज्यादा पानी पीने से शरीर में असामान्य रूप से सोडियम कम होने लगता है। सोडियम एक तरह का इलेक्ट्रोलाइट है। जो हमारे शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित रखता हैैै और शरीर में नुकसाान से बचाता है।

