वैसे तो हमारे देश में बहुत से होटल है जो दिखने में काफी खूबसूरत लगते है। मगर क्या आपने कभी मोटल के बारे में सुना है। जी हां होटल में तो आप कई बार रुके होंगे, लेकिन क्या आप कभी मोटल में रुके है। सबसे पहले तो हम आपको ये बता दे कि होटल मोटल में क्या अंतर होता है और असल में मोटल का मतलब क्या होता है। यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि होटल के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे। जहाँ व्यक्ति रह सकता और आराम से खा पी सकता है।
होटल मोटल में क्या अंतर होता है..
यानि अगर हम दूसरे शब्दों में कहे तो होटल को हम दूसरा घर भी कह सकते है। हालांकि घर जैसा आराम तो कही नहीं मिल सकता, लेकिन फिर भी होटल में घर जैसी सभी सुविधाएँ मौजूद होती है। जब कि मोटल इससे काफी अलग होता है। दरअसल होटल तो आपको किसी भी जगह पर देखने को मिल जाएगा, लेकिन मोटल आपको केवल बड़े बड़े हाइवे पर ही देखने को मिलेगा। इसका मतलब ये है कि जो लोग लम्बा सफर तय करते है और फिर रेस्ट करने के लिए कोई जगह ढूंढते है तो वे लोग मोटल में ही रुकते है।
जी हां मोटल का मतलब वह जगह जहाँ रात को किसी भी व्यक्ति के ठहरने की व्यवस्था की जाती है। बता दे कि मोटल ज्यादातर हाइवे पर ही बने होते है। ऐसे में जब कोई व्यक्ति सफर करके थक जाता है, तो उनके लिए यहाँ ठहरने की व्यवस्था की जाती है। हालांकि यहाँ आपको होटल जैसी तो कोई सुविधा नहीं मिलेगी, लेकिन फिर भी आपको रात गुजारने के लिए इससे बेहतर जगह नहीं मिल सकती है। बहरहाल इसे पढ़ने के बाद तो आप समझ गए होंगे कि आखिर होटल मोटल में क्या अंतर होता है और दोनों में किस तरह की सुविधाएँ दी जाती है। दोस्तों आपको यह जानकारी कैसी लगी, इस बारे में हमें अपनी राय जरूर दीजियेगा।


