आखिर क्यों बढ़ रहा है मधुमेह का ख़तरा
मधुमेह आज देश की एक बड़ी और गंभीर बीमारी के रूप में सामने आरहा है। शहरों के साथ साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोग प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही आज कल कम उम्र के बच्चे और नव युवक भी इसकी चपेट में आरहे हैं। आइये जानते हैं इसके कुछ प्रमुख कारण –
अनियमित एवं ग़लत खान पान
हमारे खान पान का तरीका और समय तेजी से बदला है। जहाँ सुबह 9 बजे के पहले नाश्ता कर लेना चाहिये वहीं अब सुबह नींद भी नहीँ खुलती। जब रात में 8 के पहले भोजन कर लेना चाहिये वहीं आज कल की भाग दौड़ भरे जीवन में 8 बजे तक तो घर पहुंचना भी मुश्किल है।
इन सभी के साथ तेजी से बढ़े रेडि टू ईट के बाजार ने हमारी सेहत को खिलौना बना दिया है।
शारीरिक श्रम में कमी
तक्नीकी के बढ़ते प्रयोग ने हमें जितना आराम दिया है, सुविधा दी है उसकी कीमत हमें अपने स्वास्थ के रूप में चुकाना पड़ रहा है। घंटों स्क्रीन के सामने बैठे रहने का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। और वहीं से संचालित होने वाली नसें धीरे धीरे सूखने लगती हैं। जिसके कारण तनाव व अनिद्रा जैसी परेशानियाँ आती हैं। तनाव व अनिद्रा हमारे शरीर के सभी हिस्सो को प्रभावित करते हैं।
मधुमेह से बचने के लिए स्वच्छ खान एवं नियमित व्यायाम राम बाण
मधुमेह के दौरान या मधुमेह से बचने के लिए या यूँ कहें की अपने स्वास्थ के लिए भी खुद को दिन में 45-60 मिन. अवश्य देना चाहिये। बिना रुके सुबह तेज चाल चलना मधुमेह में राम बाण का काम करता है। इसके साथ ही जंक फूड से दूरी और सात्विक खान पान ही स्वास्थ को बेहतर रखने का एकमात्र तरीका है। खाने में हरी सब्जी, मौसमी फल, भर पूर पानी सेहत को तन्दरुस्त रखने के तरीके हैं।