कोरोना वायरस के कारण भारत ने किन चुनौतियों का सामना किया, जानिए

कोरोना वायरस

चीन के वुहान शहर से निकले कोरोना वायरस महामारी ने विश्वभर में पिछले 9 महीनों से तहलका मचा रखा है। यह वायरस विश्वभर के लाखों लोगों की जान ले चुका है। साथ ही इस वायरस ने विश्व के कई देशों की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। इस महामारी के वज़ह से दुनिया के महाशक्ति कहे जाने वाले देश अमेरिका और रूस की भी अर्थव्यवस्था पर काफ़ी असर पड़ा है। और भारत भी इससे अछूता नहीं है।

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पूरी दुनिया में लॉकडाउन की स्थिति

इस वायरस ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरी दुनिया में तालाबंदी हो गयी और विश्वभर में लॉकडाउन की स्थिति उत्पन्न हुई। और जैसा कि भारत भी इससे अछूता नहीं है तो यहाँ भी तकरीबन तीन महीने लगातार तालाबंदी रही। जिसके वज़ह से काफी हद तक इस वायरस को नियंत्रण में लेने की कोशिश की गई।

हालांकि इस लॉकडाउन से देशवासियों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है। रोज़ी-रोटी व आर्थिक विकास पर काफी प्रभाव पड़ा है। किसान व मज़दूर व छोटे तबक़े के लोगों की बात की जाए तो न जाने कितने लोगों की ज़िंदगी उथल पुथल हो गई। इस महामारी ने देश के शैक्षिक विकास को भी रोक दिया है। देशभर के स्कूल व कॉलेज के दरवाजों पर महीनों से ताले लटके हुए हैं। जिसके कारण बच्चों को मजबूरन ऑनलाइन पढ़ाई करना पड़ रहा है।

कोरोना ने लगाया ज़िन्दगी पर लगाम

कोरोना काल ने लोगों की ज़िन्दगी पर ऐसा लगाम लगाया है कि सिनेमा घरों व किसी भी मनोरंजन क्षेत्र पर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसका असर सिर्फ़ आम लोगों पर ही नहीं पड़ा है। बड़े-बड़े राजनेता और अभिनेता भी इसके चपेट में आए हैं।

सरकार की कोशिशें

बात करें अगर भारत सरकार द्वारा किए गए कार्यों कि तो इस महामारी से उत्पन्न हुईं चुनौतियां व खतरों से निपटने में सरकार ने काफी उचित कदम उठाएं हैं। देश में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जैसी गाइडलाइन जारी करके सरकार ने अपनी सक्षमता की मिसाल कायम की है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों में शामिल ‘सोशल डिस्टेंसिंग’, ‘मास्क अनिवार्यता’ और ‘आरोग्य सेतू’ जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं, जिसका पालन आज देशभर में किया जा रहा है। जिसके तहत बाज़ार, मॉल्स व दफ्तर जैसी किसी भी जगहों पर लोगों को एक दूसरे से शारीरिक दूरी बनानी होती है।

लेकिम आपको बता दें कि इन तमाम कोशिशों के बावजूद भी कोरोना अपना पैर पसारने में सफल हुआ है। और कोरोना वायरस की पकड़ प्रति दिन और भी मज़बूत होती दिखाई दे रही है। अब रोजाना हजारों की तादाद में संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हो रही है। ताज़ा आंकड़ों को देखें तो भारत में अबतक कुल 20 लाख के करीब कोरोना संक्रमण के मामले हैं। एक दिन में 904 मौतें भी कोरोना के कहर को साफ बयां करती हैं।

कोरोना पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तथ्य

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कथन अनुसार भारत में कोरोना वायरस के संक्रमित कुल मरीजों की संख्या लगभग 20 लाख पहुंच गई है। जिनमें से कुल सक्रिय मामले क़रीब-क़रीब 6 लाख हैं। हालांकि स्वस्थ होने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। लगभग 13 लाख से ज़्यादा लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। मगर इस संक्रमण ने भारत में अबतक 40 हजार से ज़्यादा लोगों की जान भी ले चुका है।

आइसीएमआर के आंकड़ों पर एक नज़र

मंगलवार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने बताया कि भारत में प्रति 10 लाख आबादी पर जांच की संख्या सिर्फ़ 15,119 है। अब तक कुल 2,08,64,750 नमूनों की जांच की जा चुकी है। बलराम भार्गव के अनुसार कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए अभी जितने नमूनों की जांच होती है, उनमें 25-30 प्रतिशत नमूनों की जांच रैपिड एंटीजन जांच (Rapid Antigen Test) पद्धति से की जाती है। भार्गव ने यह भी कहा कि रैपिड एंटीजन जांच में किसी के संक्रमित नहीं होने की सटीक पुष्टि करने की 99.3-100% तक अति उच्च विशिष्टता है परन्तु उनकी संवेदनशीलता 55-85% ही है।

मृतकों की संख्या

भारत में कोरोना से मौत के मामलों ने जो रफ्तार पकड़ी है उससे लगता हैं भारत बहुत जल्द ही यूके और मेक्सिको को पीछे छोड़ देगा। हालांकि मृत्यु दर के लिहाज़ से भारत में सुखद गिरावट दर्ज की गई है।

मृतकों की संख्या के लिहाज़ से भारत अभी दुनिया में पांचवें स्थान पर है वहीं यूएसए (USA) पहले स्थान पर काबिज़ है। एक दिन में 904 मौतों से अब भारत में कुल कोरोना संक्रमण से मृतकों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि देश में आधी मौतें यानी करीब 20 हजार मृतक पिछले 30 दिनों में ही बढ़े हैं।

भारत के विभिन्न राज्यों में कोरोना का कहर

भारत के विभिन्न क्षेत्रों व राज्यों में भी कोरोना की मार साफ नज़र आ रही है। जहां एक तरफ इस वायरस से महाराष्ट्र, दिल्ली व तमिलनाडु जैसे राज्य परेशान हैं वहीं सुविधाओं से वंचित राज्य जैसे नगालैंड, असम व अन्य भी संक्रमण से बड़ी परेशानी झेल रहे हैं।

महाराष्ट्र अभी भी कोरोना वायरस मामलों की संख्या में सबसे ऊपर है। ख़बर लिखे जाने तक 16476 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। राज्य में अभी कुल 01,46,268 सक्रिय मामले है। हालांकि 03,05,521 लोग इस महामारी से ठीक भी हो चुके हैं। तमिलनाडु में भी कोरोना वायरस  अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है जो कि राज्य के कुल 54,184 सक्रिय मामलों से साफ दिखाई देता है। राज्य में अब तक 04,461 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है वहीं, 02,14,815 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। दिल्ली में संक्रमण के रफ्तार को देखें तो यहां अब महज़ 10,072 केस ही सक्रिय हैं, वहीं अब तक 4044 लोगों की मौत हुई है, जबकि 01,26,116 लोग पूर्णतः स्वस्थ हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के कुल आकड़ें 1,04,388 है, जिनमें से सक्रिय मामले 41,973 है और इनमें से 60,558 मरीज़ अब तक ठीक हो चुके हैं जब कि 1857 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

आपको बताते चले कि इस महामारी के कहर से बचने के लिए महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में दुबारा से तालाबंदी भी हुई।

कोरोना वायरस से बचने के लिए हमें सरकार के सभी निर्देशों का पालन करना चाहिए। सामाजिक दूरी बनाना और मास्क पहनना चाहिए।

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Saddiya Anwar

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