हम जो भी करते हैं वो नकल करके ही करते हैं, इसी को अगर हम इस तरह से कहें की हम सब एक्टर्स हैं तो ग़लत नहीँ होगा। लेकिन जब प्रोफेशनल ऐक्टिंग की बात आती है तो सभी अच्छे एक्टर्स साबित हों ऐसा ज़रूरी नहीँ। भारतीय व पाश्चात्य विद्वानों ने कला के लिए प्रतिभा, व्युत्पत्ती व अभ्यास को मुख्य माना है। आपको बता रहें हैं अभिनय के प्रसिक्षण के बेहतरीन संस्थान के बारे में.
इनमें से प्रतिभा के अलावा शेष दोनों के लिए उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, भारत में अभिनय को लेकर हमेशा से काम होता रहा है लेकिन अब जब इस ओर नज़रिया बदला है उसके साथ ही कई संसथाओं ने अभिनय का औपचारिक प्रसिक्षण प्रारंभ किए हैं। आइये कुछ नये व पुराने संसथाओं के बारे में जानते हैं –
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा
देश के सर्वाधिक प्रतिस्ठित संसथानों मे से एक है। अभिनय प्रसिक्षण की गुड़वत्ता के लिए इसका नाम गर्व के साथ लिया जाता है। यहाँ प्रवेश पाने के लिए देश भर से विद्यार्थी आते हैं। प्रवेश परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है तथा यहाँ प्रवेश हेतु कम से कम छ: नाटकों का अनुभव आवश्यक है।
एफटीआईआई कैमरा अभिनय मंच पर अभिनय से कई तरीकों से भिन्न है। इसीलिये कैमरा के साथ अभिनय के प्रसिक्षण हेतु इस संसथान के पास पर्याप्त सन्साधन मौजूद है। प्रभात स्टूडियो पर बने इस संसथान में प्रवेश हेतु अभिनय का पूर्व अनुभव आवश्यक नहीँ है। तीन चरनाें में प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्न होती है।
कला एवं सौन्दर्य शास्त्र विभाग जेएनयू अपने उच्च स्तर के प्रशिक्षण के लिए जेएनयू हमेशा से प्रख्यात रहा है। जेएनयू के इस विभाग में फिल्म व अभिनय में विशेष रुचि रखने वाले विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। इसका पाठ्यक्रम फिल्मो व नाटकों के अध्ययन पर अधिक केन्द्रित है।
महात्मा गाँधी अंतर राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, मुंबई विश्वविद्यालय एवं जमिया मिलिया इस्लमिया विश्वविद्यालय
इन सभी संसथानों से अभिनय मे स्नातक/ स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की जा सकती है।

विसलिंग वुड श्री सुभाश घाइ जी द्वारा स्थापित इस संसथान से अभिनय की बारीकियों को समझा जा सकता है। यहाँ थिअरी व प्रैक्टिकल दोनों में बराबर ध्यान दिया जाता है।
