जैसा कि हम सभी जानते है कि अभी कुछ दिन पहले भारत में दो दिवसीय ड्रोन महोत्सव का आयोजन किया गया। वहीं, इस महोत्सव का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। जहां इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह भी मौजूद रहे। वहीं, इन दिनों यह टेक्नोलॉजी भारत में तेजी से फैल रही है।
खास बात
वहीं, इस समय भारत में ड्रोन टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से फैल रही है। बता दें कि ड्रोन’ एक ऐसा शब्द है। जो शायद किसी के लिए नया न हो। कोई इवेंट हो, शादी समारोह हो, कहीं कर्फ्यू लगा हो और पुलिस को किसी विशेष इलाके की निगरानी करनी हो तो ड्रोन का सहारा आराम से लिया जा सकता है। बता दें कि ड्रोन को एक मानव रहित एयरक्रॉफ्ट भी कहा जा सकता हैं। जहां हम इन ड्रोनों को हम औपचारिक तौर पर बिना चालक का विमान भी कह सकते हैं। या फिर हम इसे मानव रहित विमान प्रणाली के नाम से भी जान सकते है।
इन जगहों पर होता है ज्यादा इस्तेमाल
जानकारी के लिए बता दें कि ड्रोन एक मानव रहित रिमोट से कंट्रोल किया जाने वाला या स्वचालित रोबोट होता है। जहां इसका इस्तेमाल उन जगहों पर ज्यादा किया जाता है। जहां आपकी जान की जोखिम का खतरा हो। सैन्य गतिविधियों के दौरान हमें ड्रोन का सबसे सटीक और बेहतरीन इस्तेमाल देखने को मिलता है।
इस तरह काम करता है ड्रोन
बता दें कि जीपीएस सिस्टम की मदद से ड्रोन को उड़ाया जाता हैं। तो ठीक वैसा ही महसूस होता है जैसे कि हम वीडियो गेम खेलने के दौरान अपने आप को महसूस करते हैं। वहीं, ड्रोन का इस्तेमाल खेतों में निगरानी रखनी हो या फिर दवाओं का छिड़काव करने के लिऐ भी यह प्रयोग में आता है।