जब किसी कलाकार को बॉलीवुड की दुनिया में काम मिलना बंद हो जाता है, तब वह फ़िल्मी दुनिया को छोड़ कर किसी और काम को अपना प्रोफेशन बना लेता है। मगर जिन दो कलाकारों की हम बात करने जा रहे है, उन्होंने तो धर्म को ही अपना सब कुछ बना लिया। बता दे कि बॉलीवुड के ये दो कलाकार फ़िल्में छोड़ धर्मगुरु बने है और दुनिया को धर्म की राह दिखाते है। हालांकि इन्होने ज्यादा फिल्मों में काम नहीं किया, लेकिन जिन फिल्मों में भी काम किया, उनमें इनके काम को काफी सराहा गया था। तो चलिए अब आपको इनके बारे में विस्तार से बताते है कि आखिर ये दोनों कलाकार कौन है।
फ़िल्में छोड़ धर्मगुरु बने ये दो कलाकार..
आरिफ खान.. सबसे पहले हम आरिफ खान की बात करते है। जिन्होंने अजय देवगन की फिल्म फूल और कांटे में रॉकी का किरदार निभाया था। इसके इलावा भी आरिफ खान कई फिल्मों में विलेन का किरदार निभा चुके है। मगर बॉलीवुड की दुनिया में वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएं और बॉलीवुड इंडस्ट्री से मानो गायब ही हो गए। वही अगर खबरों की माने तो ऐसा सुनने में आया है कि आरिफ खान एक मुस्लिम धर्मगुरु बन चुके है।
विजय आनंद.. इसके बाद हम विजय आनंद की बात करते है। जिन्हे आप काजोल और अजय देवगन की फिल्म प्यार तो होना ही था में राहुल का किरदार निभाया था। इस फिल्म में वह काजोल के मंगेतर बने थे। बता दे कि विजय आनंद ने न केवल फिल्मों में बल्कि कई प्रसिद्ध टीवी शो में भी काम किया है और वह सच में एक बेहतरीन कलाकार है। मगर अब वह एक हिन्दू धर्मगुरु बन चुके है।
इसके साथ ही वह एक अच्छे योग शिक्षक भी बन गए है। तो ये है वो दो कलाकार जो फ़िल्में छोड़ धर्मगुरु बने और लोगों को धर्म की राह दिखाने में लग गए। दोस्तों इनके नए कार्य के बारे में आपकी क्या राय है ये हमें जरूर बताईयेगा।



