हमारे भारत देश में भले ही लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज लेकिन रुकावटें तो दोनों जगह ही आती है। हालांकि ये बात अलग है कि अरेंज मैरिज में लड़का और लड़की के रिश्तेदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। तो वही लव मैरिज में लड़का और लड़की को समाज का सामना करना पड़ता है। बता दे कि जैसे जैसे लड़का और लड़की की बातों का सिलसिला खत्म होने की कगार पर पहुंचता है। ठीक वैसे वैसे शादी का कार्यक्रम भी आगे बढ़ता है। तो चलिए अब इस मजेदार जानकारी के बारे में भी आपको विस्तार से बताते है।
बातों का सिलसिला खत्म होते होते अरेंज मैरिज में आ सकती है ये रुकावटें..
1. गौरतलब है कि रिश्ता पक्का होने के बाद लड़का और लड़की दोनों दिन रात एक दूसरे के साथ फोन पर ही लगे रहते है। यहाँ तक कि उन्हें खाने पीने और सोने का भी होश नहीं आता।
2. वही अगर हम लड़का और लड़की के घरवालों की बात करे तो उन्हें दिन रात केवल शगुन की ही चिंता लगी रहती है। किस रिश्तेदार को कौन सी चीज देनी है और किसे शगुन में कितने पैसे देने है, इसी सोच विचार में पूरा दिन निकल जाता है। दरअसल लड़का और लड़की दोनों के घरवालों को इस बात की चिंता होती है कि शादी के दौरान कोई मेहमान या रिश्तेदार नाराज हो कर न बैठ जाईये।
3. फिर जैसे ही शादी की रस्में शुरू होती है, वैसे ही घर में रिश्तेदारों का तांता सा लग जाता है। पहले बुआ और फूफा आते है। फिर मामा और मामी और फिर चाचा चाची की बारी आती है। यानि शादी से करीब तीन दिन पहले हर रिश्तेदार खास मेहमान बन कर शादी वाले घर में पहुँच जाता है। हालांकि इस दौरान लड़का और लड़की की हालत कितनी खराब हो जाती है, ये कोई नहीं समझ सकता।
4. बहरहाल अरेंज मैरिज में अगर सब कुछ सही तरीके से हो जाएँ तो बिना किसी परेशानी के शादी वाला दिन भी सामने आ जाता है। ऐसे में बातों का सिलसिला खत्म होना तो लाजिमी सी बात है, क्यूकि शादी वाले दिन तो सीधा एक्शन करने का समय होता है। तो ये है अरेंज मैरिज की विधि, जिसमे एक एक करके पहले मसाले पीसे जाते है और फिर शादी का व्यंजन पकाया जाता है। दोस्तों आपको यह जानकारी कितनी दिलचस्प लगी, ये हमें जरूर बताईयेगा।


