आज 23 जुलाई को चंद्रयान-2 का सफल प्रापेक्षण किया गया| इसरो ने अपने इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है| Chandrayaan2 के प्रक्षेपण के बाद इसरो (ISRO) प्रमुख के. सिवन (K Sivan) ने मिशन के सफल होने की घोषणा की और 15 जुलाई को आई तकनीकी खामी को लेकर कहा कि हम फिर से अपने रास्ते पर आ गए| सिवन ने कहा कि यान को चंद्रमा के पास पहुंचने से पहले, अगले डेढ़ महीने में 15 ‘बेहद महत्वपूर्ण अभियान चरणों’ से गुजरना होगा| ‘ उन्होंने कहा कि उसके बाद वह दिन आएगा, जब चंद्रमा पर दक्षिणी ध्रुव के नजदीक सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए 15 मिनट तक ‘हमारे दिलों की धड़कनें बढ़ जाएंगी|’
आज रवाना हुआ ‘चंद्रयान-2’ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है| इससे चांद के अनसुलझे रहस्य जानने में मदद मिलेगी| यह ऐसी नई खोज होगी जिसका भारत और पूरी मानवता को लाभ मिलेगा|
Chandrayaan2 से भारत को लाभ, ये है सबसे बड़ा फायदा
इसरो इस बड़े प्रक्षेपण के बाद दुनिया भर की नज़रे भारत पर टिक्की हुई है | इस मिशन के बाद भरत का सर गर्व से ऊंचा हो गया | इस यान से भारत को काफी लाभ भी होगा| इसके अलावा भरत एक लीडर के रूप के उभर के आया है | बता दे इस मिशन के बाद भारत कमर्शियल उपग्रहों और ऑरबिटिंग की डील हासिल कर पाएगा, यानी भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर सकेगा, जिसकी मदद से हमें अन्य देशों के उपग्रहों के अंतरिक्ष में भेजने के करार हासिल हो पाएंगे| विशेषज्ञों के मुताबिक, Chandrayaan2 मिशन से मिलने वाला जियो-स्ट्रैटेजिक फायदा भले ही ज़्यादा नहीं है, लेकिन भारत का कम खर्च वाला यह मॉडल दूसरे देशों को आकर्षित ज़रूर करेगा|
NASA के मंगल ग्रह पर भेजे गए रोवर मिशन से जुड़े विज्ञानी अमिताभ घोष ने कहा, ‘Chandrayaan2’ की कीमत के लिहाज़ से इससे होने वाला फायदा बहुत बड़ा होगा| उन्होंने कहा, “चंद्रयान 2 जैसा जटिल मिशन सारी दुनिया को संदेश देगा कि भारत जटिल तकनीकी मिशनों को कामयाब करने में भी पूरी तरह सक्षम है…” ISRO के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन ने कहा कि भारत का लक्ष्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में लीडर के रूप में सामने आना होना चाहिए|
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