हितेश पंत (नई दिल्ली)
भारतीय नेवी की जांबाज नायिकाएं समुद्र के रास्ते दुनिया का सफर पूरा करके भारत लौट चुकी हैं। सोमवार को गोवा तट पर पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण और नेवी चीफ सुनील लांबा ने आईएनएस तारिणी की सभी सदस्यों को स्वागत किया। बेहद कठिन समुद्री रास्तों से होकर आठ महीनों में नौसेना की इन महिलाओं ने दुनिया का सफर पूरा किया।
भारतीय नौसेना का अभियान नाविका सागर परिक्रमा की शुरूआत बीते साल 10 सितंबर को हुई। नौसेना में पिछले साल शामिल हुए आईएनएस तारिणी में सवार होकर 8 महिला युवा अधिकारियों का दल समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने निकला। इस यात्रा में ये दल कई खतरनाक समुद्री मार्गों से गुजरते हुए आगे निकला।
आईएनएस तारिणी के सदस्यों ने अपनी ये यात्रा 6 चरणों में पूरी की। उन्होंने पूरी यात्रा में 21,600 नॉटिकल मील का सफर पूरा किया। इस दल ने दो बार भूमध्य रेखा, चार महाद्वीपों और तीन सागरों से आगे बढ़ते हुए अपनी यात्रा को अंजाम दिया। आईएनएस तारिणी ने फ्रेमांटले (ऑस्ट्रेलिया), लाइटिलटन (न्यूजीलैंड), पोर्ट स्टैनली (फॉकलैंड द्वीप), केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) और मॉरीशस को अपना पड़ाव बनाया।
नौसेना के इस अभियान की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के हाथों रही। इनके साथ लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, स्वाति पी, लेफ्टिनेंट ऐश्वर्या बोड्डापति, एस विजया देवी और पायल गुप्ता चालक दल में शामिल रहीं। गोवा पहुंचे पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौसेना की इन जाबांज महिलाओं का स्वागत किया और शुभकामनाएं दी।