हितेश पंत (नई दिल्ली)
एशिया की सबसे लंबी और स्मार्ट सुरंग भारत में बननी शुरू हो गई है। जम्मू कश्मीर के लेह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोजिला सुरंग का शिलान्यास किया। इस सुरंग के बनने के बाद हर मौसम में श्रीनगर-कारगिल-लेह के बीच संपर्क बना रहेगा। स्थानीय लोगों के साथ सेना के जवानों के लिए बॉर्डर तक सामान ले जाने में ये सुरंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्रीनगर से लेह के बीच कारगिल जिले में पड़ने वाला जोजिला दर्रे के इर्द गिर्द हमेशा बर्फ घिरी रहती है। समुद्र तट से 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित ये दर्रा भीषण बर्फबारी के कारण कई बार बंद रहता है। जिससे लेह-लद्दाख के लोगों का संपर्क कश्मीर के कट जाता है। इसी समस्या से निजात के लिए जोजिला सुरंग को बनाने का काम शुरू किया गया है।
जोजिला सुरंग की लंबाई 14.15 किमी होगी। ये 2 लेन सुरंग होगी जिससे आने और जाने में वाहनों को परेशानी न हो। अभी तक वाहनों को जोजिला दर्रा पार करने में साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। लेकिन इस सुरंग के बाद दर्रे को 15 मिनट में पार किया जा सकेगा। इस सुरंग के निर्माण पूरा करने के लिए 5 साल के समय का लक्ष्य निर्धारित है।
जोजिला सुरंग इस मायनों में स्मार्ट है कि इसमें इमरजेंसी लाइटिंग, वेंटिलेशन, मैसेज साइन, टनल रेडियो, पावर स्पलाई और सीसीटीवी जैसी तमाम सुविधाएं होंगी। यात्रियों को हर 125 मीटर के बाद इमरजेंसी टेलीफोन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पैदल चलने वालों के लिए हर 250 मीटर के बाद रोड क्रास करने सुविधा का इंतजाम होगा। इस सुरंग बनाने के लिए 6,800 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
जोजिला सुरंग स्थानीय युवाओं को रोजगार के कई अवसर भी मुहैया कराएगी। सुरंग के आस-पास लोगों को स्वरोजगार के कई मौके होंगे। इस सुरंग के बनने के बाद सालभर श्रीनगर, लेह और कारगिल का रास्ता बहाल रहेगा। इस सुरंग के अंदर वाहन 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।