कुछ दिनों पहले मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई अनिल अंबानी को सैकड़ों करोड़ रुपए देकर उन्हें कानूनी कार्यवाही से बचा लिया था। उन्हीं की राह पर चलते हुए अब अरबपति स्टील उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल ने अपने भाई की मदद की और उन्हें कानूनी कार्रवाई से बचाया। दरअसल लक्ष्मी मित्तल के छोटे भाई प्रमोद मित्तल पर स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन के लगभग 2210 करोड़ रुपए बकाया थे और जिसके तहत उन पर कानूनी कार्यवाही होनी थी। मगर दुनिया की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी आर्सेलर मित्तल के चेयरमैन और सीईओ लक्ष्मी मित्तल अपने छोटे भाई को लगभग 16 सौ करोड़ रुपए की सहायता दी और उन्हें कानूनी कार्रवाई से बचा लिया।
बड़े भाई लक्ष्मी निवास मित्तल और छोटा भाई प्रमोद मित्तल ने 24 साल पहले ही अपने रास्ते अलग अलग कर लिए थे। हालांकि इस सहायता के बाद प्रमोद मित्तल ने लक्ष्मी मित्तल का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हीं की वजह से वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कर पाए और बकाया राशि का भुगतान किया।
57 वर्षीय प्रमोद मित्तल ग्लोबल स्टील होल्डिंग्स लिमिटेड और ग्लोबल स्टील फिलिपींस इंक नामक दो कंपनियों के मालिक हैं। स्टील जगत में मंदी और 2008 से 2010 के बीच आर्थिक संकट के कारण वह स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन के बकाया राशि का भुगतान नहीं कर पाए थे। जिस कारण उन पर खर्च बढ़ता गया।
इसी तरह पिछले महीने मुकेश भाई अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम ने भी एरिक्सन की 550 करोड़़ रुपए की बकाया राशि चुकाई थी। अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम भी बहुत बड़े कर्ज में डूबी हुई थी और यदि अनिल अंबानी कर्ज नहीं चुकाते तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 3 महीने की जेल हो सकती थी। मगर मुकेश अंबानी की मदद के बाद वह इस बकाया राशि को चुकाने में सफल रहे थे और उन्होंने भी अपने बड़े भाई का धन्यवाद किया था।

