पाकिस्तान और भारत दोनों एक साथ आजाद हुए भारत ने समय के साथ अपनी तरक्की में चार चांद लगा लिए तो दूसरी ओर पाकिस्तान खुद को आतंकिस्तान बनाता चला गया और आज हरामखोर देश पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले में ऐसे स्तर पर खड़ा है जहां उसको पीछे हटने में भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और आतंकवाद का बढ़ावा देकर तो वह भारी कीमत अदा ही कर रहा है। हरामखोर देश पाकिस्तान की हरामखोरी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी सेना के द्वारा सीमा पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जाता है, और बदले में भारतीय सेना के द्वारा उन्हें मुंह तोड़ जवाब भी मिलता है। फिर भी पाकिस्तान अपनी इस हरामखोरी से बाज नहीं आता है। आज की इस खास रिपोर्ट में हम आपको पाकिस्तान की कई हरामखोरियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
1. आतंकवाद का रखवाला –
पाकिस्तान की सबसे बड़ी हरामखोरी यह है कि वह कुख्यात आतंकवादियों को अपने देश में रहने की खुली छूट देता है, और उनके साथ कई बड़े पाकिस्तानी नेता उठते बैठते हुए भी नजर आते हैं। यही वजह है कि ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमेरिका को पाकिस्तान में घुसना पड़ा था, जी हां पाकिस्तान ने हरामखोरी की हद इतनी पार कर दी थी कि उसने अलकायदा के सरगना को पाकिस्तान में ठिकाना दे रखा था। तब अमेरिकी नेवी सील की टीम द्वारा 2 मई 2011 की रात पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। भारत ने भी दो बार बड़ी कार्यवाही करते हुए एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए पाकिस्तान को घुटनों के बल टिका दिया।
2. आतंकवादियों को सुविधा मुहैया कराने वाला –
पाकिस्तान की दूसरी सबसे बड़ी हरामखोरी यह रही है कि वह आतंकवादियों को खुलेआम घूमने फिरने और दहशत फैलाने वाले भाषणों को बोलने के लिए कुख्यात आतंकियों को बेहतरीन सुविधा मुहैया करवाता है। उदाहरण के लिए हाफिज सईद और मसूद अजहर ने भारत के खिलाफ कई बार ज़हर उगल कर वीडियो भी वायरल करते हुए दिखाई दिए हैं, लेकिन पाकिस्तान इन आतंकवादियों के पैरों की जूती बनकर रहता है।
3. पाकिस्तान के अधिकारी उच्चकों जैसे करते हैं चोरी –
या थोड़ा हास्य पद है लेकिन पाकिस्तान हरामखोर है तो मुमकिन है जी हां यह बात 1 अक्टूबर 2018 की है जब पाकिस्तान में कुवैत का एक प्रतिनिधिमंडल निवेश के सिलसिले में बात करने आया था लेकिन उसी बीच पाकिस्तान के ज्वाइंट सेक्रेट्री स्तर के अधिकारी ज़रार हैदर खान ने कुवैत के एक अधिकारी का पर्स टेबल से चुरा लिया और यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और उस बार पाकिस्तान की हरामखोरी के साथ साथ उचक्कागीरी भी पूरे विश्व में सबको मालूम पड़ी।
फिलहाल हरामखोर देश पाकिस्तान आने वाले समय में कई बड़े स्तर की हरामखोरी कर सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है क्योंकि जिस तरीके से कुत्ते की पूँछ सीधी नहीं हो सकती चाहे आप उसे कितनी भी सीधी करने की कोशिश करिए। ठीक उसी प्रकार पाकिस्तान भी है जो आतंकवादियों के चक्कर में दुम बनकर रह गया है जो कभी भी सीधा नहीं हो सकता है।