हितेश पंत (नई दिल्ली)
देश की बेटी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। इंडियन एयर फोर्स की नवनियुक्त फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी अकेले फाइटर प्लेन उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। जामनगर स्थित वायुसेना स्टेशन से मिग-21 बाइसन लड़ाकु विमान अकेले उड़ाकर अवनी ने ये उपलब्धि हासिल की।
अवनी चतुर्वेदी जुलाई 2016 को वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर शामिल हुई। अवनी के साथ साथ भावना कांत और मोहना सिंह ने भी वायुसेना में फायटर पायलट की ट्रेनिंग ली है। देश की इतिहास में ये पहला मौका है जब महिलाओं को वायुसेना में बतौर फाइटर पायलट शामिल किया गया हो। कड़े प्रशिक्षण के बाद ये तीनों वायुसेना का हिस्सा बनी हैं।
अवनी मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली हैं। उनके पिता इंजीनियर हैं और भाई इंडियन आर्मी में कैप्टन है। उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी सेना से जुड़े रहे हैं। अवनी बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। वनस्थली यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई के बाद उन्होंने एयरफोर्स को चुना। वे कल्पना चावला को अपना आदर्श मानती हैं।
देश के लिए ये बड़ी उपलब्धि है कि महिलाएं सेना में सभी भूमिकाएं बखूबी निभा रही हैं। अभी तक अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल और पाकिस्तान में ही महिलाओं को फाइटर पायलट के तौर पर नियुक्ति दी जाती है। वैसे तो साल 1991 से ही महिलाएं देश में हैलिकॉप्टर या यात्री विमान उड़ा रही हैं लेकिन महिलाओं को फाइटर पायलट के रूप में शामिल करने की अनुमति 2015 में मिली है।


