हितेश पंत (नई दिल्ली)
भारत में इंजीनियरिंग के छात्र अपने आविष्कारों के लिए हमेशा प्रशंसा जुटाते रहे हैं। इस बार भी आईआईटी कानपुर के ट्रेनी इंजीनियरों ने कुछ ऐसा ही कारनामा किया है। इन इंजीनियरों ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है जिसकी मदद से सामान इधर से उधर ले भेजा जा सकता है। लखनऊ में ड्रोन को प्रदर्शित करते हुए इससे चाय की डिलिवरी की गई।
वैसे तो लखनऊ के अपनी तहज़ीब और सांस्कृतिक मुल्यों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस बार यहां इंजीनियरों ने चाय पेश करने का नायाब तरीका लोगों के सामने रखा। यहां इंजीनियरों ने एक मैदान से दूसरी जगह चाय भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। इंजीनियरों ने चाय को एक थर्मस में रखकर एक सील पैक्ड डब्बे में रखा और इसे ड्रोन में फिट कर दिया। उन्होंने जैसे ही ड्रोन को कमांड दी वैसे ही ड्रोन चाय के डब्बे को लेकर उड़ चला।
जहां से ड्रोन ने उड़ान भरी थी वहां इंजीनियर उसे लैपटॉप से कंट्रोल कर रहे थे। जहां ड्रोन को जाना है, उससे संबंधित कमांड दी जा रही थी। थोड़ी ही देर में ड्रोन ने चाय के पैक डब्बे को निर्धारित जगह पर डिलीवर कर दिया। ड्रोन को तैयार करने वाले इंजीनियरों के अनुसार ये जीपीएस तकनीक की मदद से सामान को निर्धारित जगह पर डिलीवर करता है।
इंजीनियरों का कहना है कि इस ड्रोन के जरिए दो किलो वजन तक के सामान को भेजा जा सकता है। ये ड्रोन 10 किमी की दूरी तक सामान की डिलीवरी कर सकता है। इंजीनियर अब इस ड्रोन का कमर्शियल इस्तेमाल करना चाहते हैं। वे इसके लिए डायरेक्ट्रेट और सिविल एविएशन से मिलने वाली गाइड लाइन का इंतजार कर रहे हैं। इंजीनियरों को उम्मीद है कि डायरेक्ट्रेट अगले 2 महीनों में गाइड लाइन जारी कर देगा। इसके बाद लखनऊ में ड्रोन का कमर्शियल उपयोग शुरू हो जाएगा।