हितेश पंत (नई दिल्ली)
संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में इस बार भी लड़कियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान प्राप्त करने के अलावा टॉप 25 में 8 नाम लड़कियों के हैं। वैसे तो इस परीक्षा में सफल हुए सभी उम्मीदवारों की कहानी प्रेरणा देने वाली है, लेकिन कुछ सफल उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो देश के युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं। ऐसी ही एक नाम है सुश्री का।
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा सुश्री ने सिर्फ 22 साल की उम्र में पास कर ली। सुश्री इस साल सबसे कम उम्र की सफल प्रतिभागी भी हैं। सुश्री केरल के कोल्लाम की रहने वाली हैं। कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने सिविस सेवा परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर ली है। सुश्री को इस परीक्षा में 151वीं रैंक मिली है।
सुश्री के पिता पीटी सुशील कुमार एक पुलिस अधिकारी हैं। साल 2004 से 2010 तक वे एसपीजी में रहते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा टीम के सदस्य रह चुकें हैं। उसी बीच साल 2008 में सुश्री को भी मनमोहन सिंह से मिलने का मौका मिला। सुश्री ने उनसे बात की। सुश्री को तब सिविल सेवा के रुतबे का एहसास हुआ और उन्होंने मनमोहन सिंह से भी इस बात का जिक्र किया कि वे सिविस सर्वेंट बनेंगी।
सुश्री ने 14 साल की उम्र में ही अपना टार्गेट तय कर लिया था। इसके बाद टार्गेट को पूरा करने के लिए वो दिन रात मेहनत करने जुट गई। पढ़ाई और दूसरे कामों के लिए उन्होंने टाइम टेबल निर्धारित कर लिया। लक्ष्य पाने के लिए सुश्री ने नियमित रूप से कड़ी मेहनत की। इसी का परिणाम है कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। सुश्री अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देतीं हैं, जिन्होंने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।