हितेश पंत (नई दिल्ली)
देश के सुरक्षा बलों को और ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नए और आधुनिक उपकरण खरीदने की मंजूरी दे दी है। रक्षा खरीद परिषद की बैठक में 5500 करोड़ रुपए के नए सैन्य सामान को खरीदने का निर्णय हुआ है। इसमें भारतीय वायुसेना के लिए अत्याधुनिक 12 रडार खरीदने पर सहमति हुई। इसके अलावा नौसेना और सेना के लिए भी नए उपकरण खरीदे जाएंगे।
देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के मकसद से 5500 करोड़ रुपए की इस डील को मंजूरी मिली। सैन्य सेवाओं के लिए सामान खरीदने के लिए रक्षा खरीद परिषद ही प्रमुख संस्था है। जिसके निर्णय के बाद ही रक्षा खरीद के फैसले होते हैं।
रक्षा खरीद के मामले में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और देश को इस मामले में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डीएसी ने इस फैसले को मंजूरी दी है। इस खरीद से वायु सेना के पास 12 अत्याधुनिक रडार आएंगे। ये रडार अधिक ऊंचाई की कवरेज भी उपलब्ध कराने में कारगर हैं। उच्च क्षमता के ये रडार स्वदेशी अभियान के तहत विकसित होंगे।
इससे पहले संसद की रक्षा मामलों की समिति ने सेना के सामान को लेकर एक रिपोर्ट दी थी। जिसमें कहा गया था कि सेनाओं में उपयोग होने वाला करीब 68 फीसदी सामान विंटेज श्रेणी का मतलब पूराना हो चुका है। समिति ने सेना के आधुनिकीकरण करने की बात कही थी। इसके बाद डीएसी का ये बड़ा फैसला आया है।
रक्षा मंत्रायल के इस फैसले से जहां वायु सेना की रडार नेटवर्क क्षमता में बढ़ावा होगा, वहीं नौसेना और सेना को भी आधुनिक उपकरण मिलेंगे। इस खरीद के बाद भारतीय सैन्य बलों की ताकत में बढ़ावा होगा ही। इसके साथ ही ये डील मेक इन इंडिया कार्यक्रम को भी बढ़ावा देगी।