आज हम जानेगे बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी होती क्या है,धमनियों में फैटी एसिड का जमना एक मूक हत्यारा है। ये फैटी एसिड दिल की धमनियों में जमा हो जाते हैं और हार्ट ब्लॉकेज का कारण बन जाते हैं। एक नए अध्ययन से पता चलता है कि ज्यादातर युवाओं और किशोरों में धमनियों में कोलेस्ट्रॉल बिल्डअप हो जाने के कारण उनको कोरोनरी धमनियों की बीमारी हो जाती हैं।जमी हुई धमनियों के लिए सबसे बड़ा कारण मोटापा बताया गया है। हालाँकि मेडिकल साइंस काफी आगे बढ़ चुकी है, और इन अवरुद्ध धमनियों की बीमारी का इलाज भी डॉ एंजियोप्लास्टी और बाईपास सर्जरी से करते हैं।
बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी में अंतर
कोरोनरी धमनी की बीमारी का इलाज बायपास सर्जरी या एंजियोप्लास्टी द्वारा किया जा सकता है।
बाईपास सर्जरी
बाईपास सर्जरी या ओपन हार्ट सर्जरी विशुद्ध रूप से एक शल्य (सर्जिकल) प्रक्रिया है। इसका उपयोग संकुचित धमनियों के उपचार के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में पैर या छाती से ली गयी एक नस धमनी को सिल देती है,ब्लॉकेज से पहले और बाअद में, ताकि खून का प्रवाह आसानी से बगल से निकल सके बिना किसी रुकावट के। ग्राफ्ट का उपयोग करके एक नया रास्ता बनाया जाता यही। जिन लोगों को ट्रिपल पोत (वेसल) रोग है, उन्हें हृदय बाईपास की सलाह दी जाती है।
एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग
एंजियोप्लास्टी एक गैर-सर्जिकल प्रक्रिया है। ये अवरुद्ध हृदय धमनियों को खोलने के लिए भी उपयोग किया जाता है। उनकी प्रक्रिया में कैथेटर ट्यूब के अंत में पट्टिका क्षेत्र में एक छोटा विक्षेपित( बिना फूला) गुब्बारा डाला जाता है। जब यह समस्याग्रस्त क्षेत्र में पहुंचता है, तो गुब्बारे को धीरे-धीरे फुलाया जाता है और फिर उसे हटा दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया फैटी जमाओं को धक्का देती है और बेहतर रक्त प्रवाह के लिए मार्ग को खोलने में मदद करती है। दिल की बाईपास सर्जरी की तुलना में एंजियोप्लास्टी के लिए रिकवरी का समय बहुत तेज है। कभी-कभी स्टेंट नामक एक छोटे धातु को समसयग्रस्त जगह पे धमनी को खुला रखने के लिए रखा जाता है।
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