दिल्ली में मैक्स अस्पताल लापरवाहियों का अड्डा बनता जा रहा है। बीते दिनों दिल्ली के शालीमारबाग स्थित मैक्स अस्पताल ने जीवित बच्चे को मृत घोषित कर असंवेदनशीलता का परिचय दिया था। अब लापरवाही के एक बड़े मामले ने मैक्स अस्पताल की साख पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली में रहने वाले राहुल पंवार ने बताया कि जब उनके दादा की किडनी खराब हो गयी तो डॉक्टरों ने सर्जरी कर किडनी निकाल दी। उसके एक महीने बाद ही मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को कैंसर हो गया है। बीती 11 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती मरीज को आधे घंटे लगातार ब्लीडिंग होती रही और उनके हाथ में भी सूजन होने लगी थी। लेकिन डॉक्टर्स से लेकर नर्स तक किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। डॉक्टरों की इस शर्मनाक हरकत के बाद परिवार के अलावा अन्य लोगों में बहुत गुस्सा है। जहां लोग डॉक्टरों को भगवान के सामान मानते हैं, वहीं कुछ डॉक्टर इस तरह की हरकतों से डॉक्टरी के पेशे पर धब्बा लगा रहे हैं। मैक्स अस्पताल की ऐसी असंवेदनशील हरकतों के बाद अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि लोगों में अस्पतालों के प्रति विश्वास बना रहे।
सोर्स- फेसबुक
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