हितेश पंत (नई दिल्ली)
स्कूल के बच्चों पर से पढ़ाई को बोझ जल्द कम हो सकता है। केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार सरकार एनसीईआरटी का सैलेबस कम करने की तैयारी कर रही है। इससे छात्रों में रटने की आदत कम होगी और वे अपने विषय के हर टॉपिक को सही तरह से समझ सकेंगे।
शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए केंद्र सरकार नई केंद्रीय शिक्षा नीति तैयार कर रही है। इसमें छात्रों को पढ़ाई के बोझ से कुछ राहत मिलेगी। एचआरटी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से एनसीईआरटी का सैलेबस आधा कर दिया जाएगा। ये सैलेबस काफी पुराना और मुश्किल है, इसलिए बस इस सैलेबस में बदलाव की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार इस महीने के अंत तक नई शिक्षा नीति जारी कर सकती है। प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि शिक्षा का मतलब सिर्फ उत्तर याद करना और उसे एग्जाम शीट पर लिखना भर ही नहीं होना चाहिए। सबसे जरूरी है कि छात्र जो कुछ भी पढ़ें, उसे अच्छे से समझें। उन्होंने कहा कि जो छात्र परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते उनको ध्यान में रखते हुए भी बदलाव करना जरूरी है।
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षा के साथ ही शिक्षक की अहमियत भी काफी ज्यादा है। कई जगह शिक्षकों की कमी का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है। शिक्षक के लिए जरूरी है कि बच्चों की क्षमता और कमजोरियों का आंकलन करके उसमें सुधार करे। शिक्षकों को दक्ष और प्रशिक्षित करने के लिए भी केंद्र सरकार कई स्तर पर काम कर रही है।