सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (8 april) को मद्रास उच्च न्यायालय के ‘टिकटॉक’ एप के खिलाफ दाखिल की गयी अर्ज़ी पर तुरंत सुनवाई करने से इंकार कर दिया है| मद्रास उच्च न्यायालय ने केन्द्र को ‘टिकटॉक’ एप पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया गया था| प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता तथा न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि तय प्रक्रिया के अनुसार याचिका पर 15 अप्रैल को सुनवाई होगी| एप बनाने वाली कंपनी ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक की मांग की है| हाईकोर्ट ने एप की डाउनलोडिंग रोकने और मीडिया में ऐप से बने वीडियो का प्रसारण बंद करने का आदेश दिया था|
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पीठ ने कहा, ‘‘कोई तत्काल सुनवाई नहीं होगी| इस मामले पर तय प्रक्रिया के अनुसार ही विचार किया जाएगा|’ मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने तीन अप्रैल को इस एप के जरिए अश्लील और अनुचित सामग्री दिखाए और फैलाये जाने की चिंता जाहिर करते हुए केन्द्र को ‘टिकटॉक’ एप पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था|
चीनी कंपनी ‘बाइटडांस’ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि लोगों ने इस ‘टिकटॉक’ एप को बड़ी संख्या में डाउनलोड किया है और मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने एकतरफा आदेश पारित कर दिया है |
टिक-टॉक एप को बैन करने के निर्देश
कोर्ट ने मीडिया को ‘टिकटॉक’ एप से बनाई गई वीडियो का प्रसारण नहीं करने का निर्देश दिया| इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए अदालत ने 16 अप्रैल की तारीख तय की थी| अदालत ने उस जनहित याचिका के आधार पर अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसमें इस आधार पर टिकटॉक पर रोक लगाने की मांग की गई थी कि इसमें कथित रूप से ऐसे सामग्री है जो ‘‘संस्कृति का अपमान तथा अश्लीता को बढ़ावा’’ देती है|
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