कुलभूषण सुधीर जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(ICJ) में बड़ा फ़ैसला आया। 16 जजों के पैनल में 15 ने भारत के पक्ष में फ़ैसला सुनाया है। कोर्ट ने पाकिस्तान से जाधव की फाँसी में रोक का फ़ैसला सुनाया है। इसके साथ ही कुलभूषण सुधीर जाधव को काउन्सलर की सेवा मुहैया कराने का भी आदेश जारी किया गया है।
क्या है मामला
इस्लामाबाद ने 3 मार्च 2016 को ईरान में 49 वर्षीय पूर्व भारतीय जल सेना अधिकारी कुलभूषण सुधीर जाधव को आतंकवादी एवं जासूस करार कर गिरफ्तार किया था । लगभग 1 साल बाद मई 2017 में पाकिस्तान ने फाँसी देने का फ़ैसला लिया था। उसने देश में घुसपैठ करने की कोशिश की है। वहीं जाधव की गिरफ़्तारी के बाद से भारत ने पाकिस्तान को इस संबंध में कई ईमेल भी भेजे थे। भारत ने 8 मई को ICJ में फाँसी रोकने हेतु याचिका दायर किया। 9 मई को ICJ ने अंतिम फ़ैसला ना आने तक फाँसी में रोक लगा दिया था।
वियना कन्वेन्शन का उल्लंघन
वियना कन्वेन्शन के 36(1) के तहत भारत ने कुल भूषण को काउन्सलर मुहैया कराने,अपना पक्ष रखने आदि की माँगों को पाकिस्तान अब तक नाज़रन्दाज़ करता रहा है। 17 तारीख को आईसीजे के फ़ैसलें के आदेशानुसार भारतीय काउन्सलर कुलभूषण सुधीर जाधव को मुहैया कराया जा सकेगा। वहीं पकिस्तान के इस बर्ताव की अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कड़ी निंदा की गई।
हालांकी भारत के कई प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया जिसमें पूर्व सेना अधिकारी के वतन वापसी की माँग भी शामिल थी। आईसीजे ने पाकिस्तान को अपने फ़ैसले पर पुन: समीक्षा करने का आदेश जारी किया है।
भारत की बड़ी जीत
15-1 से मिली इस जीत को भारत के लिए बड़ी जीत से कम नहीँ माना जा सकता। अब इस फ़ैसले के साथ 3 सालों बाद जाधव जी के घर वापसी की उम्मीद रखी जा सकती है। ट्विटर पर कई बड़ी हस्तियों ने इसे भारत के लिए महत्वपूर्ण माना और प्रधानमंत्री जी को इसका श्रेय देते हुए बधाई भी दिया।
ICJ में भारत की बड़ी जीत – पूर्व सेना अधिकारी जाधव की फाँसी पर रोक