इसरो द्वारा निर्मित Chandrayaan 2 ने बुधवार को चंद्रमा की दूसरी कक्षा में भी सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया। चंद्रयान ने दोपहर 12.50 बजे चांद की दूसरी कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जो कुल 1228 सेकंड यानि 20.46667 मिनट में पूरी हो गई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO ) ने इसकी ट्वीट करके बताया कि पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत चंद्रयान-2 को चांद की दूसरी कक्षा में प्रवेश करा दिया गया है।
आपको बता दें कि चंद्रमा पर उतरने के लिए सधे कदमों से आगे बढ़ रहे चंद्रयान-2 ने कल मंगलवार को महत्वपूर्ण पड़ाव पार करते हुए सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया। इसरो के मुताबिक, ‘यह प्रक्रिया 1,738 सेकेंड की थी। इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा, ‘करीब 30 मिनट तक ऐसा लगा, मानो हम सबकी धड़कनें थम गई हों। सात सितंबर को यान की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की प्रक्रिया तनाव भरी होगी। अभी तनाव कम नहीं हुआ है, उल्टा बढ़ गया है। हालांकि, Chandrayaan 2 की सफल लैंडिंग के लिए वह आश्वस्त हैं।’
#ISRO
Second Lunar bound orbit maneuver for #Chandrayaan2 spacecraft was performed successfully today (August 21, 2019) beginning at 1250 hrs ISTFor details please visit https://t.co/cryo8a7qre pic.twitter.com/MpiktQOyX6
— ISRO (@isro) August 21, 2019
Chandrayaan 2 के ऑर्बिट में इतने बार बदलाव
बता दे अब यान को नज़दीकी कक्ष में पहुंचने के लिए इसके पथ में चार बदलाव और किए जाएंगे। यह कक्ष चांद की सतह से करीब 100 किलोमीटर पर होगी। करीबी कक्ष में पहुंचने के बाद यान से लैंडर ‘विक्रम’ अलग होकर चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए बढ़ेगा। सात सितंबर को चंद्रयान-2 को चंद्रमा पर उतरना है। यदि यह यान चंद्रमा पर उतरने में सफल रहता है तो अमेरिका, रूस व चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा।
साथ ही आपको यह भी बता दे की 22 जुलाई को प्रक्षेपित(प्रोजेक्टेड) किया गया की Chandrayaan 2 अब तक अपनी ऑर्बिट में सात बदलाव से गुजर चुका है। छठा बदलाव 14 अगस्त को किया गया था। इस बदलाव के जरिये यान को लुनार ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी (एलटीटी) पर पहुंचा दिया गया था। एलटीटी पर बढ़ते हुए ही यान ने चांद की कक्षा में प्रवेश किया है। यान को चांद की कक्ष में पहुंचाने के लिए एक बार फिर लिक्विड इंजन चलाया गया था।
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