हितेश पंत (नई दिल्ली)
सफलता किसी की परिस्थिति देखकर नहीं आती। सफलता पाने का एक ही मंत्र है मेहनत। यदि लक्ष्य पर केंद्रित होकर मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित है। उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड में 12वीं के टॉपर आकाश ने इस बात को सच कर दिखाया है। बेहद साधारण परिवेश में पले-बढ़े आकाश के पिता ऑटो चलाते हैं। लेकिन आकाश ने घर की परिस्थिति को सफलता में आड़े नहीं आने दिया।
यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट और हाईस्कूल परीक्षाओं के परिणाम कल घोषित कर दिए गए। इस बार इंटरमीडिएट में दो छात्रों ने टॉप किया है। छात्र आकाश मोर्या और रजनीश शुक्ल दोनों ने 12वीं में 93.20 फीसदी अंक पाए हैं। आकाश बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले आकाश पढ़ाई में बहुत तेज हैं।
आकाश की गिनती शुरुआत से ही होनहार छात्रों में होती है। हाईस्कूल परीक्षा में भी उन्होने शानदार प्रदर्शन करते हुए 91 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। आकाश साईं इंटर कॉलेज लखपेड़ाबाग के छात्र हैं। आकाश के शिक्षक बताते हैं कि आकाश स्कूल का प्रतिभावान छात्र रहा है। वो इस बार भी स्कूल का नाम रोशन करेगा इस बात का उन्हें पूरा भरोसा था।
आकाश के पिता का नाम कुलदीप है। वो परिवार का भरण पोषण करने के लिए लखनऊ में ऑटो चलाते हैं। आकाश पढ़ाई को लेकर हमेशा संजीदा रहता है। इंटरमीडिएट परीक्षा से पहले वे खेलकूद से दूर रहे और सिर्फ पढ़ाई पर फोकस किया। आकाश पूरी प्लानिंग के साथ अपने काम करते हैं। उन्होंने अपने लिए टाइम टेबल तैयार किया है और उसी के अनुसार चलते हैं।
परीक्षा परिणाम के बाद आकाश और उनके परिजन बहुत खुश हैं। आकाश कहते हैं कि सफलता का मूल मंत्र मेहनत ही है। आकाश अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिजनों और शिक्षकों को देते हैं। उनके परिजनों का कहना है कि आकाश सिर्फ पढ़ाई पर फोकस रहता है। खेलने के लिए भी बहुत कम ही घर से निकलते हैं। आकाश अब आगे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं और उसकी तैयारी में जुट गए हैं।