अगर हम अपनी भारतीय संस्कृति की बात करे तो यहाँ रीती रिवाजो का काफी ज्यादा महत्व होता है। जैसे कि भारतीय संस्कृति के अनुसार जब सावन का महीना शुरू होता है, तब यह महीना लड़कियों के लिए बेहद खास होता है। वैसे क्या आप जानते है कि आखिर सावन के महीने में शादीशुदा लड़कियां अपने मायके क्यों जाती है। तो चलिए आज आपको इसी रिवाज के बारे में विस्तार से बताते है। ऐसा कहा जाता है कि जब किसी लड़की का रिश्ता पक्का हो जाता है, तब उसके लिए सावन का त्यौहार बेहद खास बन जाता है। वो इसलिए क्यूकि रिश्ता पक्का होने के बाद लड़की के ससुराल वालो की तरफ से उसे सिंजारा यानि श्रृंगार का पूरा सामान भेंट के रूप में दिया जाता है।
आखिर सावन के महीने में..
हालांकि जो नयी शादीशुदा लड़कियां होती है, वह इस महीने अपने मायके जा कर यह त्यौहार मनाती है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि अगर नवविवाहित लड़कियां शादी के बाद सावन के महीने में अपने मायके जाएँ तो इससे उनके पति की उम्र लम्बी हो जाती है। इसके साथ ही पति और पत्नी का दाम्पत्य जीवन भी हमेशा खुशहाल रहता है। केवल इतना ही नहीं इसके इलावा ऐसा कहा जाता है कि अगर सावन के महीने में नविवाहित स्त्रियां अपने मायके जाएँ तो इससे उनके और उनके पति के बीच प्रेम की भावना बढ़ती है।
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शायद यही वजह है कि जब किसी लड़की की नयी नयी शादी होती है तब वह अपने मायके जरूर जाती है। हालांकि आज के समय में लोग इन बातों पर ज्यादा यकीन नहीं करते, लेकिन फिर भी हमारे बुजुर्ग हमें इन रीती रिवाजो का महत्व समझाते रहते है। इसलिए आज भी बहुत सी जगहों पर यह रिवाज निभाया जाता है। बहरहाल अब तो आप समझ गए होंगे कि आखिर सावन के महीने में लड़कियां अपने मायके क्यों जाती है।


