इसमें कोई शक नहीं कि हर बच्चा अपने माता पिता के बेहद करीब होता है। हालांकि कई बार हमें किसी वजह से अपने माता पिता से दूर रहना पड़ता है। ऐसे में माँ तो आंसू बहा कर अपना गम सब के सामने जाहिर कर सकती है। मगर पिता शायद सब के सामने आंसू बहा कर अपना दुःख जाहिर नहीं कर पाते। इसलिए आपको जब प्यारे पापा की याद आएं तो उन्हें यह गाने जरूर सुनाएँ। इससे न केवल आपका मन हल्का हो जाएगा बल्कि आप अपने पिता के और भी करीब आ जायेंगे। खास कर वो बेटियां जो अपने पिता के घर से विदा हो चुकी है। उन्हें अपने पिता को यह गाने जरूर डेडिकेट करने चाहिए। तो चलिए अब आपको बताते है कि वो कौन से गाने है जो आपको अपने पिता के और भी करीब ला सकते है।
नब्बे के दशक के वो पांच गाने जो चुपके से हाल ए दिल करते है बयां
जब प्यारे पापा की याद..
१. पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यूँ, पापा की निगाहो में ममता की छांव में कुछ दिन और रहती तो क्या बिगड़ जाता ( फिल्म- ऐसी भी क्या जल्दी है)
२. बाबा की रानी हूँ, आँखों का पानी हूँ, बह जाना है जिसे, दो पल कहानी हूँ ( फिल्म- आपको पहले भी कही देखा है)
३. चंदा है तू, मेरा सूरज है तू, ओ मेरी आँखों का तारा है तू (फिल्म -आराधना)
४. तू मेरा दिल, तू मेरी जान, ओ आई लव यू डैडी, तू मासूम, तू शैतान बट यू लव मी डैडी (फिल्म- अकेले हम अकेले तुम)
५. चंदा ने पूछा तारों से, तारों से पूछा हजारो से, सबसे प्यारा कौन है, पापा मेरे पापा (फिल्म- मैं ऐसा ही हूँ)
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तो ये है वो पांच गाने जो आप अपने पिता को सुना कर उन्हें खुश कर सकते है। यहाँ तक कि इन गानो को गुनगुनाने से आपको अपने पिता के खुद के पास होने का एहसास भी जरूर होगा। इसलिए आगे से जब प्यारे पापा की याद आएं, तब इन गानो को गुनगुनाना न भूले। वैसे इनमे से आपको कौन सा गाना पसंद है ये हमें जरूर बताइएगा।
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