हम सभी कभी खुशी में तो कभी किसी की कामयाबी पर या फिर कभी व्यायाम के तौर पर ताली बजाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ताली बजाने से न सिर्फ शरीर स्वस्थ बनता है बल्कि इसके कई ज्योतिषीय लाभ भी हैं। ज्योतिष शास्त्र में यह बताया गया है कि ताली बजाने से ग्रहों की शुभता मिलती है। ग्रह दोष दूर हो जाता है। इसके अलावा, कई अन्य लाभ भी होते हैं जिनके बारे में जानना आपके लिए बेहद रोचक होगा।
सबका दिखता है प्रभाव
ताली दोनों हाथो की हथेली को मिलाकर बजाई जाती है। जब दोनों हाथों की हथेलियों को आपस पीता जाता है तब उससे निकलने वाली ध्वनि को ही ताली कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हथेली के अग्र भाग यानी कि आगे वाले हिस्से में मां लक्ष्मी का निवास है। वहीं, हथेली के बीचों बीच मध्य भाग में मां सरस्वती अपनी विद्याओं संग विराजित हैं। इसके अलावा, हथेली के मूल भाग में भगवान विष्णु और ब्रह्म देव साथ में रहते हैं। चारों उंगलियों के सबसे ऊपर वाले हिस्से में जिसे पोरु भी कहा जाता है उसमें सभी तीर्थों का समागम माना गया है। यानी कि तर्जनी उंगली में पितृतीर्थ, कनिष्ठा उंगली में प्रजापतितीर्थ और अंगूठे में ब्रह्मतीर्थ होता है। ऐसे में ताली बजाने से इन सबका प्रभाव दिखता है।
होत है कृपा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोजाना ताली बजाने से मां लक्ष्मी और माता सरस्वती की व्यक्ति पर कृपा होती है। व्यक्ति की बुद्धि प्रबल बनती है और धन प्राप्ति के मार्ग भी व्यक्ति के लिए खुल जाते हैं। इसके आलावा, रोजाना ताली बजाने से भगवान विष्णु और ब्रह्म देव का सानिध्य मिलता है। भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति के संकट दूर हो जाते हैं।
खास बात
वहीं, ब्रह्म देव के आशीर्वाद से व्यक्ति को ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति होती है जिससे व्यक्ति आध्यात्म की ओर बढ़ता है। रोजाना ताली बजाने से पितृ शांत होते हैं, पितृ दोष में राहत मिलती है और पारिवारिक क्लेश दूर होता है। मानसिक और शारीरिक बल से व्यक्ति सफलता की ओर बढ़ता है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार जीवन में बढ़ने लग जाता है।