वरूण धवन अब बॉलीवुड के एक अनुभवी एक्टर माने जाते हैं क्योंकि उन्होंने बॉलीवुड में अनेक हिट फिल्में दी हैं और अनुभव के मामले में भी अब वह परिपक्व हो गए हैं। हाल ही में उन की फिल्म कलंक रिलीज हुई। जोकि एक ऐसी फिल्म है जिसमें एक मुस्लिम लड़के को हिंदू लड़की से प्यार हो जाता है। इस फिल्म में वरुण धवन ने जफर नाम के एक मुस्लिम लड़के का किरदार निभाया है। जो रूप नाम की एक हिंदू लड़की से मोहब्बत करता है। फिल्म में 1940- 1945 के दरमियान की कहानी दिखाई गई है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि किस तरह मोहब्बत के रास्ते में जाति धर्म की मुसीबतें आती हैं। यह फिल्म देश के विभाजन के समय की है ऐसे में फिल्म उन हिस्सों को भी छूती है। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान वरुण धवन ने यह कहा कि हमारे देश में हिंदू-मुस्लिम मसलों को बढ़-चढ़कर दिखाया जाता है।
वरूण धवन ने फिल्म के बारे में बताते हुए कहा कि समाज में जिस चीज को स्वीकार नहीं किया जाता अगर कोई वह चीज करता है तो उसे कलंक कहा जाता है। यदि कोई समाज की मान्यता के अलग जाकर प्यार कर लेता है तो वह भी कलंक हो जाता है। उन दोनों की फीलिंग को कोई नहीं समझता। लोग खुद फैसला सुनाने लगते हैं और कोर्ट से पहले खुद को जज घोषित कर देते हैं।
वरूण धवन ने आगे बताते हुए कहा कि हमारा देश है ऐसा है जिसमें हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जैन पारसी सभी मिल जुल कर रहते हैं। इनमें आपस में कभी कोई मतभेद नहीं होता है। फिल्म में भी ऐसा कुछ नहीं दिखाया गया है। फिल्म में भारत के विभाजन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। क्योंकि उस घटना से हमारी भावनाएं जुड़ी हुई है और जब भी उसका जिक्र होता है तो हम आहत हो जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर लोग अपनी राजनीति चमकाने के पीछे पड़ जाते हैं और हमारे देश में हिंदू मुस्लिम के मुद्दों को बढ़ा चढ़ाकर दिखाने की एक आदत सी हो गई है।

