आज टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियो ने इतिहास रच दिया है। जहां भारतीय पुरूष हॉकी टीम का मुकाबला जर्मनी के साथ हुआ। आपको बता दें कि भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह की टीम ने गुरुवार के दिन ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेले गए मैच में जर्मनी को 5-4 से परास्त कर दिया। बता दें कि आज टोक्यो ओलंपिक में भारत करीब 41 साल बाद मेडल की प्राप्ति किया है।
सिमरनजीन ने किेए दो गोल
वहीं, जर्मनी से हुए इस मुकाबले में भारतीय टीम के खिलाड़ी सिमरनजीत सिंह ने दो गोल किए। जहां टीम के लिए खास बात यह रही कि भारतीय टीम मुकाबले में दो बार पिछड़ जाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए मैच को रोमांच की ओर ले गए और कांस्य पदक के प्ले ऑफ मुकाबले में जर्मनी को परास्त कर डाला।
पीएम ने भारतीय कप्तान को दी बधाई
जहां इस ऐतिहासिक क्षण से देशवासियों में खुशी की लहर है। वहीं, सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। जहां भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन करके करके बधाई दी।
मॉस्को ओलंपिक में आया था आखिर मेडल
आपको बता दें कि भारतीय हॉकी टीम ने आखिरी बार वर्ष 1980 में मॉस्को ओलिंपिक में पदक प्राप्त किया था। तब से भारत के पास एक भी मेडल नहीं आया। वही, भारत को अब महिला हॉकी टीम से कई उम्मीदें लगी हुई हैं जो अपना कांस्य पदक मुकाबला खेलने मैदान में उतरेगी।
इस तरह रहा मैच का सफर
दरअसल, आठ बार की ओलिंपिक चैंपियन और दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम एक समय 1-3 से पीछे होती जा रही थी लेकिन भारतीय टीम दबाव में आने के बाद भी फिर से उबरकर आठ मिनट में चार गोल करके जीत हासिल की। वहीं, दुनिया की चौथे नंबर की टीम जर्मनी क तिमूर ओरूज (दूसरे मिनट), निकलास वेलेन (24वें मिनट), बेनेडिक्ट फुर्क (25वें मिनट) और लुकास विंडफेडर (48वें मिनट) में गोल किए।


