समय के साथ-साथ शरीर के सामने चुनौतियां पैदा होती है। जैसे-जैसे हम गलत खाना और खराब लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं तो हमारे सामने कई तरह की समस्या पैदा होती रहती है। इन समस्या से एक समस्या है, जो आजकल आम हो चुकी है। वह है कोलेस्ट्रॉल का घटना और बढ़ना। लेकिन, इसे पहचानना मुश्किल होता है। इसकी पहचान के लिए हमारा शरीर हमें संकेत देता है।
शरीर में जैसे ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है तो हमें पैरों में कई तरह के संकेत देखने को मिलते हैं। अगर पैरों में 5 तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, तो हमें समझ लेना चाहिए कि अब खतरे की घंटी बज चुकी है। जानते हैं जब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है तो पैरों में कौन से लक्षण दिखाई देते हैं।
पैरों में झुनझुनी
अगर आपके पैरों में बार-बार झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो यह खराब ब्लड फ्लो का संकेत हो सकता है। जब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमाव हो जाता है, तो यह खून का प्रवाह को बाधित कर सकता है, जिससे पैरों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। य
पैरों में ठंडापन महसूस होना
अगर बिना किसी ठंडी जगह रहने के बाद पैरों में ठंड महसूस होती है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके पैरों तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंच पा रहा है। यह आमतौर पर तब होता है जब धमनियों में प्लाक जमा हो जाता है और ब्लड फ्लो धीमा पड़ जाता है। यह भी एक कोलेस्ट्रॉल जमने का संकेत है।
त्वचा का रंग बदलना
अगर आपके पैरों की त्वचा पीली या नीली पड़ रही है, तो यह संकेत हो सकता है कि ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप से नहीं हो रहा है। खराब ब्लड फ्लो के कारण त्वचा का रंग हल्का पड़ सकता है या पैरों में धब्बे आ सकते हैं। अगर यह लक्षण लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल जमने का बड़ा कारण है।
पैरों में दर्द
रात में सोते समय या चलते-फिरते समय पैरों में बार-बार ऐंठन या दर्द होना, खासकर पिंडलियों में, यह संकेत दे सकता है कि धमनियां संकरी हो गई हैं और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो रहा है। यह हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण हो सकता है।
नोट- दी गई जानकारी सामान्य उद्देश्य के लिए है। इसे किसी पेशेवर की तरह नहीं लेना चाहिए। ऐसी समस्या आने पर आपको पेशेवर चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।