आज के समय में पूरी तरह से सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं। इसके लिए मानसिक तौर पर चुस्त, नियमित आहार का सेवन और वर्कआउट के साथ साथ अच्छी नींद की ज़रूरत होती है। इनमें ज़रा सी भी लापरवाही बरतने से बेहद बुरे प्रभाव से गुजरना पड़ता है। लेकिन आज कल कई लोग देर रात तक नींद के इंतज़ार में करवटें बदलते रहते हैं। कई बार कई तरह की सोच हमारे दिमाग पर हावी बन जाती हैं जिससे हमारी नींद भी उड़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार कम से कम 6 घंटे की नींद हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति इससे कम सोता है तो वह मानसिक और शारीरिक रूप से कमज़ोर होने लगता है, कई बीमारियां जैसे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और खून की कमी पैर पसारने लगती हैं। अब देर रात तक जगने के कारण पर भी चर्चा कर लेते हैं। मोबाइल स्क्रॉलिंग, तनाव और चिंता इन कारणों में प्रमुख माने जाते हैं। ज़ाहिर है ऐसे में आपका स्वास्थ्य तो प्रभावित होता ही है बल्कि कई और परेशानियां जैसे अकेलापन महसूस करना, गुस्सा करना ये सब दिक्कतें भी सामने आती हैं। आखिर में ज़िंदगी जीना एक मजबूरी लगने लगती है।
इन कारणों को मद्दे नज़र रखते हम आपके लिए एक उपाय लाए हैं जिसकी मदद से आप अच्छी नींद लें सकेंगे और सुख महसूस करेंगे। हम अपको तीन ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपको जल्दी और अच्छी नींद दिलाने में मददगार साबित होंगे।
सर्वांगासन
लेग अप द वॉल पोज़ कहा जाने वाला योग ही सर्वांगासन है। इस योग को रात में सोने से पहले करने से नींद जल्दी आती है। इसके लिए अपको दीवार के सहारे अपने पैरों को ऊपर की ओर करना होगा। कुछ देर तक इस मुद्रा को दोहराते रहें। इस आसन के समय अपना ध्यान सांस पर ही केंद्रित करें। इससे झुर्रियां भी गायब होती हैं।
सुखासन
इस आसन कि ध्यान आसन कहा जाता है। इसमें ध्यान की मुद्रा में बैठकर अपने मन और मस्तिष्क को किसी बिंदु पर केंद्रित करना होगा। ऐसा करने से मानसिक तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है। इसके लिए आप सोने से पहले बेड पर ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं और लंबी सांस लें और फिर सांस को रोकें। अपनी क्षमता अनुसार इस योग को करने के लिए कहा गया है।
शवासन
इस योग का शाब्दिक अर्थ शव के समान लेटना होता है। इसमें पीठ के बल लेटना होता है। इसके बाद अपनी आंखे बंद कर सांस पर ध्यान केंद्रित करना होता है। ऐसा करने से आपकी दिन भर की थकान दूर होती है। साथ ही अनिद्रा, मनोविकार रोग, दिल की बीमारी रक्तचाप, मधुमेह आदि बीमारियों में भी यह योग मददगार है।
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