दोस्तों, आज हम बात करने जा रहे है, मानव शरीर में होने आए एक गंभीर रोग ‘पाइल्स’ यानी बवासीर के बारे में| इसको पहचानना बहुत ही आसान है। मलत्याग करते समय मलाशय में अत्यधिक पीड़ा और इसके बाद रक्तस्राव, खुजली अगर हो रही है तो ये पाइल्स के लक्षण हो सकते है| इसके कारण गुदे में सूजन हो जाती है। आज हम बात करने जा रहे ऐसी ही कुछ आयुर्वेदिक औषधियो के बारे में जिसके उपयोग से आपको पाइल्स जैसे गंभीर रोग से कुछ हफ्तों में आराम मिल जायेगा|
जीरा
करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा नमक मिला दें। जब भी प्यास लगे तब पानी की जगह यह छाछ पियें। चार दिन तक यह प्रयोग करने से बवासीर के मस्से ठीक हो जाते है। या आधा चम्मच जीरा पावडर को एक गिलास पानी में डाल कर पियें।
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जामुन
जामुन की गुठली और आम की गुठली के अंदर का भाग सुखाकर इसको मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में हल्के गर्म पानी या छाछ के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।
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बड़ी इलायची
बड़ी इलायची भी बवासीर को दूर करने का बहुत ही अच्छा उपचार है। इसे सेवन करने के लिए लगभग 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। रोज सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से पाइल्स ठीक हो जाता है।
अन्य उपाय
चौथाई चम्मच दालचीनी चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर प्रतिदिन एक बार लेना चाहिए। इससे बवासीर नष्ट हो जाती है। हरड या बाल हरड का प्रतिदिन सेवन करने से आराम मिलता है। अर्श (बवासीर) पर अरंडी का तेल लगाने से फायदा होता है। साथ ही नीम का तेल मस्सों पर लगाइए और इस तेल की 4-5 बूंद रोज पीने से बवासीर में लाभ होता है। आराम पहुंचानेवाली क्रीम, मरहम, वगैरह का प्रयोग आपको पीड़ा और खुजली से आराम दिला सकते हैं।


