बॉलीवुड में यूं तो बीते कुछ समय से नेपोटिज्म को लेकर अलग ही बहस छिड़ी हुई है| इसी बहस के बीच अब एक और स्टारकिड ने फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली है| बॉलीवुड हीमैन धर्मेंद्र के पोते और सनी देओल के बेटे करण देओल की डेब्यू फिल्म Pal Pal Dil Ke Paas रिलीज हो गई है| देओल परिवार पिछले करीब 6 दशकों से मनोरंजन जगत का हिस्सा हैं और अपने अभिनय के दर्शकों का मनोरंजन करते आ रहे हैं| ऐसे में करण देओल के लिए क्रिटिक्स और दर्शक दोनों को ही जीत पाना एक मुश्किल काम है|
वैसे तो स्टारकिड को बॉलीवुड में आसानी से एंट्री मिल जाती है, लेकिन जब भी इनसे सवाल किया जाता है तो उनका यही जवाब आता है की , उनके लिए मुश्किल काम है क्यों की उन्हें उनके परिवार और रिश्तेदार से तुलना किया जाता है| खैर करण देओल अब इंडस्ट्री में बन पाते है की नहीं उनकी यह लाटेस्टेस फिल्म बताएगी| चलिए आपको बता कर कैसी है ये फिल्म|
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Pal Pal Dil Ke Paas मूवी रिव्यु
कहानी
पल पल दिल के पास एक लव स्टोरी है जिसमें एक्शन तो नहीं है लेकिन हां एडवेंचर बहुत सारा है| फिल्म की कहानी मनाली में ट्रैकिंग कैंप चला रहे करण और दिल्ली की जर्नलिस्ट सहर की है| करण के माता पिता नहीं हैं और वो अपनी दोस्त के साथ मिलकर मनाली में ट्रैकिंग कैंप चलाता है और इसके लिए मोटी रकम भी लेता है| लेकिन करण का दावा है कि इस ट्रिप के लिए ली गई फीस कभी भी टूरिस्ट्स को ज्यादा नहीं लगती क्योंकि वो उन्हें एक जीवन बदल देने वाले अनुभव देता है| वहीं , दिल्ली की सहर एक सनसनी स्टोरी की तलाश में मनाली पहुंचती हैं|
सहर को लगता है कि करण अपने इस कैंप की आड़ में कोई बड़ा स्कैम कर रहा है और वो उसे एक्सपोज कर देगी| लेकिन जब सहर इस ट्रैक पर करण के साथ निकलती है तो उसके विचार धीरे-धीरे बदलने लगते हैं और दोनों को प्यार हो जाता है| अब दोनों की इस लवस्टोरी में कौन विलेन बनता है और दोनों मिल पाते हैं या नहीं … इसके लिए तो आपको फिल्म देखनी होगी|
निर्देशन और एक्टिंग
सनी देओल के निर्देशन में बनी ये पहली फिल्म है| और सनी देओल निर्देशन के साथ डेब्यू भी कर रहे है| यूं तो एक मसाला फिल्म के लगभग सभी एलीमेंट्स डालने की कोशिश की है| लेकिन जब आप कहानी को पर्दे पर देखते हैं तो आपको ऐसा लगता है मानो सभी एलीमेंट्स फिल्म मौजूद तो हैं लेकिन कहानी के साथ मिक्स नहीं हो पा रहे है| यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है|
फिल्म Pal Pal Dil Ke Paas में अगर एक्टिंग में तो लीड रोले कर रहे कारन देओल ज्यादा उम्मीदें नहीं रखी जा सकती की उनकी यह पहेली फिल्म है| करण देओल स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं, लेकिन सिर्फ तब तक जब तक की वो डायलॉग नहीं बोलते| न तो डायलॉग न ही वो इमोशन्स को जाहिर करने में कामयाब हो पाते हैं| ऐसे में एक्टिंग की ये खामियां फिल्म को कमजोर बनाती हैं. हालांकि करण के साथ डेब्यू कर रही सहर ने स्क्रीन पर ठीक-ठाक काम किया है|
वैसे इस फिल्म की सिनेमोटोग्राफी काफी अच्छी की गयी है| इसमें डायरेक्टर ने लोकेशन और सीन को बेहतर तरीके से दिखया है| पल पल दिल के पास फिल्म में करीब 10 गाने रखे गए है| फिल्म का टाइटल ट्रैक अरिजीत सिंह के आवाज में है| खैर अब आपको फिल्म Pal Pal Dil Ke Paas कैसी लगेगी इसके लिए मूवी देखनी पड़ेगी|
Rating: 3/5
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