अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ऐलान कर दिया गया है। इस वर्ष अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को प्राप्त हुआ है। 12 अक्टूबर 2020 को नोबेल पुरस्कार समिति द्वारा इस साल के छठे और अंतिम पुरस्कार विजेताओं की घोषणा कर दी गई है।
ऑक्शन थ्योरी (नीलामी सिद्धांत) में सुधार और नीलामी के नए तरीकों का आविष्कार करने के लिए इस पुरस्कार से मिलग्रोम और विल्सन को सम्मानित किया गया है। इससे पहले चिकित्सा, भौतिकी और रसायन के क्षेत्र के अलावा साहित्य और शांति के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है। यह सभी पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे।
जानिए इनके बारे में
अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन कार्यरत हैं। इन दिनों ने नीलामी की प्रक्रिया पर अध्ययन किया है। इन्होंने ऐसी वस्तुओं और सेवाओं के लिए नए नीलामी प्रारूपों को तैयार किया है जिन्हें पारंपरिक तरीके से बेचने में मुश्किल आती है। इनकी इस खोज से दुनियाभर के विक्रेता, खरीदार और करदाताओं को लाभ मिला है।
नीलामी सिद्धांत के बारे में जानें
शोधकर्ता बोली लगाने और अंतिम कीमतों के लिए विभिन्न नियमों के परिणामों को समझने के लिए नीलामी सिद्धांत का इस्तेमाल करते हैं।विल्सन ने एक सामान्य मूल्य वाली वस्तुओं की नीलामी के लिए सिद्धांत विकसित किया। इसके अनुसार एक मूल्य जो पहले से अनिश्चित होता लेकिन आखिरी में सभी के लिए समान रहता है। वहीं, मिलग्रोम ने नीलामी का एक सामान्य सिद्धांत का आविष्कार किया जो सामान्य मूल्यों की अनुमति देने के साथ निजी मान भी रखता है।
नोबेल पुरस्कार के बारे में जानें सब कुछ
दुनिया के सब से महत्वपूर्ण पुरस्कारों में नोबेल पुरस्कार का नाम आता है। यह स्वीडन के अविष्कारक अफ़्रड नोबेल की इच्छा के अनुसार शुरू हुआ था। वर्ष 1901 में पहला नोबेल पुरस्कार दिया गया था। यह पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए जाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों और लोगों को इस पुरस्कार के योग्य समझा जाता है जिन्होंने मानव जाति की भलाई के कुछ बड़ा योगदान किया हो। नोबेल फाउंडेशन के नियम के तहत अगर कोई विशेष श्रेणी में पुरस्कार का हकदार नहीं है तो उसे यह सम्मान प्राप्त नहीं होगा और उस वर्ष की पुरस्कार राशि अगले सका के लिए महफूज़ कर दी जाएगी।
अन्य खबरें पढ़ें सिर्फ यूथ एक्सप्रेस पर.