स्वीडन की रॉयल विज्ञान अकादमी द्वारा इस साल (2020) में भौतिकी के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वालों की घोषणा कर दी गई है। रोजर पेनरोस, राइनहार्ड गेनजेल और आंद्रिया गेज के नाम भौतिकी का नोबेल पुरस्कार हुआ है। इन तीन वैज्ञानिकों का नाम अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैकहोल की खोज से जुड़ा है।
अपको बता दें कि पुरस्कार राशि में से आधा हिस्सा पेनरोस के नाम होगा और बाक़ी आधे में से आधी-आधी राशि राइनहार्ड और आंद्रिया गेज के नाम होगी। इस बार यह प्रतिष्ठित पुरस्कार रोजर को इसलिए मिला है क्योंकि ब्लैक होल का गठन सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत का एक मजबूत पूर्वानुमान है।
इस खोज में इन तीनों वैज्ञानिकों की अहम भूमिका के बारे में जानें
ब्लैकहोल के निर्माण को सापेक्षता के सिद्धांत पर समझा जा सकता है इस बात का पता लगाने वाले कोई और नहीं बल्कि रोजर पेनरोस हैं। इनका जन्म 1931 ने ब्रिटेन में हुआ था। जनवरी 1965 में इन्होंने साबित किया था कि ब्लैकहोल का निर्माण संभव है। इनकी खोज के अनुसार ब्लैक होल में सिंगुलैरिटी (अंतरिक्ष व समय का ऐसा बिंदु जहां कोई चीज अनंत हासिल कर लेती है) छिपी होती है। यहां पर प्रकृति के सभी नियम ख़त्म हो जाते हैं।
इस खोज के लिए सम्मानित किए जाने वाले वैज्ञानिकों में
राइनहार्ड गेंजल और आंद्रिया गेज का नाम भी शामिल है। बता दें कि राइनहार्ड का जन्म जर्मनी में हुआ था और वह माक्स प्लांक इंस्टीट्यूट के निदेशक हैं। वहीं, आंद्रिया गेज अमेरिका से हैं और लॉस एंजेल्स के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।
इन दोनों वैज्ञानियों ने खगोलविज्ञानियों की एक-एक टीम का नेतृत्व कर 1990 से अंतरिक्ष के ‘सैगेटेरियस-ए’ नाम के स्थान की खोज करवाई। यह स्थान आकाशगंगा के केंद्र में बसी है। इन्होंने यहां मौजूद सबसे चमकते तारों के परिक्रमा पथ का सटीक अध्ययन किया। आधुनिक दूरबीनों व तकनीकों की सहायता से इनके द्वारा यह साक्ष्य दिए गए कि आकाश गंगा के केंद्र में मौजूद यह वस्तु ब्लैकहोल है।
जानिए ये खास बात
अपको यह भी बता दें कि भौतिकी का नोबेल पुरस्कार पाने के इतिहास में आंद्रिया गेज चौथी महिला हैं जिन्होंने ऐसा मुकाम हासिल किया है। इससे पहले 1903 में मैडम क्यूरी, 1963 में मारिया जियोपर्ट मायर और 2018 में डोना स्ट्रिकलैंड को यह सम्मान हासिल हुआ था।
अन्य खबरें पढ़ें सिर्फ यूथ एक्सप्रेस पर.