दूध की बात करें तो यह चीजों के बराबर इसमें प्रोटीन पाया जाता है। जहां छोटे बच्चों के दूध की ज्यादा आवश्यकता होती है। जब बच्चा पैदा होता है तो दूध ही उसका आहार होता है। समय बीतने के साथ गाय का दूध, माँ के दूध की जगह भैंस का दूध बन जाता है। दूध बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हमारे आहार का अहम हिस्सा बना रहता है। जो सेहत के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
खास बात
क्या आपको ये पता है है दूध में सिर्फ प्रोटीन ही नहीं बल्कि कैल्शियम, थायमिन, निकोटिनिक एसिड और कई एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करते हैं। शरीर में हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के लिए दूध जरूरी है। कुछ लोग सुबह दूध पीते हैं तो कुछ लोग रात को सोते समय भी। क्या आप जानते हैं कि दूध पीने का सही समय क्या है? हमें दूध कब पीना चाहिए जिससे हमें इससे अधिक से अधिक पोषक तत्व प्राप्त हो सकें? आइये जानें इसके बारें मे।
इसको मिलता है बढ़ावा
जानकारी के अनुसार दूध पीने का सही समय बच्चों और बड़ों के बीच अलग-अलग होता है। वहीं, आयुर्वेद कहता है कि बड़ों को रात को सोने से पहले दूध पीना चाहिए जबकि बच्चों को सिर्फ सुबह दूध पीना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार रात को दूध पीने से ओजस को बढ़ावा मिलता है।
पाचन क्रिया को करता है मजबूत
वहीं, आयुर्वेद कहता है कि रात को गर्म दूध पीने से पाचन क्रिया मजबूत होती है। रात को दूध पीने से शरीर में ट्रिप्टोफैन नाम का अमीनो एसिड रिलीज होता है। वह एक तरह से जो नींद लाने में मदद करता है। वहीं, अगर वयस्क रात के समय दूध पीते हैं तो वे तनाव और अवसाद से भी दूर रहते हैं।
नहीं होती यह समस्या
जानकारी के अनुसार आयुर्वेद कहता है कि नियमित रूप से दूध पीना चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हार्ट बर्न जैसी समस्या नहीं होती है। दूध को और भी स्वादिष्ट और स्ट्रांग बनाने के लिए आप उसमें हल्दी मिला सकते हैं। इसके अलावा इसमें स्वीटनर भी मिलाया जा सकता है। दूध में चॉकलेट पाउडर मिलाकर पिलाना बच्चों के लिए ठीक रहेगा। जो एक तरह से बच्चे पसंद भी करते है।
