मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए शानदार मैच को १७ वर्षीय रसिख सलाम ने अपने नाम कर लिया है| आईपीएल के दूसरे दिन का ये दूसरा मैच था और फैंस बेसब्री से अपने चहेते खिलाडियों का इंतज़ार कर रहे थे| इतने में जब मुंबई इंडियंस की तरफ से पहली गेंद डालने के लिए उनके दिग्गजों की जगह एक १७ वर्ष का लड़का आया तो सब आश्चर्यचकित थे|
मुंबई इंडियंस के लिए पदार्पण करने वाला १७ वर्षीय रसिख सलाम सबसे युवा खिलाडी है| दाए हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ को मैच का आगाज़ करते देखने पर ऐसा प्रतीत हुआ जैसे हम कोई बहुत ही अच्छी क्रिकेट आधारित मूवी देख रहे हो| वैसे भी १७ वर्षीय रसिख सलाम की यहाँ तक की कहानी काफी सिनेमेटिक है|
कौन हैं रसिख सलाम
१७ वर्षीय रसिख सलाम भारत के सबसे उत्तरीय राज्य जम्मू कश्मीर से हैं| वे दक्षिण कश्मीर के निवासी हैं और आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित एक क्षेत्र कुलगाम से आते हैं| उनके रिहायशी इलाके के आस पास की दुर्भाग्यपूर्ण स्तिथि उन्हें रोकने में बुरी तरह असमर्थ रही| अपनी म्हणत और टैलेंट के दम पर उन्होंने जम्मू कश्मीर की क्रिकेट टीम में अपनी जगह सुनिश्चित की| रसिख सलाम यही पर नहीं रुके| रणजी ट्रॉफी में तथा विजय हज़ारे ट्रॉफी में उन्होंने अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया|

इसी विजय हज़ारे ट्रॉफी में मुंबई इंडियंस के एक खिलाडी की नज़र १७ वर्षीय रसिख सलाम की काबिलियत पर पड़ी| उन्होंने इस होनहार खिलाडी को मुंबई इंडियंस के ट्रायल कैंप में आमंत्रित किया| रसिख यहाँ पर भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे| आईपीएल की नीलामी के वक़्त मुंबई इंडियंस उनके बेस प्राइस पर उन्हें २० लाख में खरीदने में कामयाब रहा|
देश की नज़र में ये खिलाडी
स्कूल टीचर का ये बेटा अपनी उम्र के हिसाब से काफी ज़्यादा प्रतिभावान है| नीलामी के वक़्त जब १७ वर्षीय रसिख सलाम का नाम आया तब किसी ने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया था लेकिन जब इस युवा खिलाडी ने मुंबई इंडियंस के लिए पहली गेंद डाली तो उसी वक़्त से उसने पूरे देश का ध्यान अपनी और खींच लिया|

१७ वर्षीय रसिख सलाम ने ४ ओवर बोलिंग की और केवल ४२ रन्स दिए| वे कोई भी विकेट लेने में असमर्थ रहे परन्तु उन्होंने समूचे देश पर अपनी छाप छोड़ दी|
क्या है इतना ख़ास इस युवा में
जम्मू कश्मीर से आईपीएल में जगह बनाने वाले रसिख केवल तीसरे खिलाडी हैं| १७ वर्षीय रसिख सलाम एक आतंकवाद प्रभावित इलाके से आते हैं| ये पूरे देश के लिए गर्व की बात है की वे इतनी कम आयु में इतनी मुश्किलों के बावजूद यहाँ तक पहुंचे हैं|

ध्यान देने वाली बात परन्तु ये है की उन्होंने देश का ध्यान केवल अपनी कम आयु और अपनी पृष्ठभूमि की वजह से नहीं आकर्षित किया है| अगर आपको उन्हें खेलते हुए देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है तो आपने देखा होगा उनकी शकल पर एक भूख| भूख और एक दृढ निश्चय कुछ शानदार करने का| उनकी म्हणत उनके व्यवाहर से झलकती है| शायद इसीलिए पूरा देश उनके बारे में जानना चाहता है|
निष्कर्ष
१७ वर्षीय रसिख सलाम एक ऐसी टीम के लिए खेल रहे हैं जहा पर उन्हें देश के सबसे अच्छे फ़ास्ट बॉलर्स का नेतृत्व मिलेगा| मुद्दे की बात ये है की भारत को इस लड़के में फ़ास्ट बॉलिंग का भविष्य दिखता है और ये युवा शायद इस चुनौती के लिए तैयार भी है|
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