गूगल प्ले स्टोर के सब्सक्रिप्शन मॉडल में एक बड़ा बदलाव सामने आने वाला है। यह बात कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के ज़रिए मालूम हुई है। अपको बता दें, जल्द ही गूगल अपने प्ले स्टोर पर मौजूद ऐप को खुद मार्केट करेगा। जिससे कि यूजर्स प्ले स्टोर पर मौजूद किसी भी ऐप को बिना डाउनलोड किए ही सब्सक्राइब कर सकेंगे। इससे होगा ये कि यूजर्स को इन ऐप में आने वाले बार बार सब्सक्रिप्शन पॉप अप्स से छुटकारा मिल सकेगा।
फ़िलहाल आप प्ले स्टोर से कोई भी ऐप फ़्री में डाउनलोड कर लेते हैं लेकिन कुछ ऐप्स को यूज करने के लिए अपको उनका सब्सक्रिप्शन चाहिए होता है। ऐसा करने के लिए यूजर्स को ऐप इंस्टॉल करने के बाद इन ऐप को खरीदना करना पड़ता है। लेकिन अब नए सब्सक्रिप्शन मॉडल से अपको इस दिक्कत से निजात मिलेगी।
जानिए इस मॉडल की खासियत
आइए अपको इस बदलाव का एक उदाहरण समझाते हैं। मान लीजिए आपने स्पोटिफाई या यूट्यूब म्यूज़िक ऐप को अपने डिवाइस में डाउनलोड किया। फिर जैसे ही आप इन ऐप्स को ओपन करते हैं तो ये अपको प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के लिए प्रॉम्प्ट करता है। वैसे तो आप इन ऐप्स को फ्री में भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन प्रीमियम यूजर्स को कुछ एडिशनल (अतिरिक्त) फीचर्स मिलते हैं। ऐसा करने के लिए ये ऐप्स आपको बीच-बीच में प्रॉम्प्ट करते रहते हैं। और इस नए सब्सक्रिप्शन मॉडल के वजह से यूजर्स को ऐप स्टोर में ही सब्सक्रिप्शन का ऑप्शन मिलेगा। यूजर्स ऐप को डाउनलोड किए बिना भी इसे सब्सक्राइब कर सकेंगे।
टेक क्रंच की रिपोर्ट के अनुसार गूगल प्ले स्टोर के इस नए फीचर पेज में एक फ्री ट्रॉयल एंड इंस्टॉल बटन और एक इंस्टॉल बटन देखने को मिलेगा। जैसे ही यूजर्स इन बटन पर क्लिक करेंगे प्ले स्टोर द्वारा यूजर्स को ऐप को खरीदने का या सब्सक्राइब करने ऑप्शन सामने दिखेगा। लिस्टिंग पेज पर मौजूद इन दो ऑप्शन्स में आगे यूजर्स को ऐप की डिटेल और सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में जानकारी दर्ज होगी।
इन दिक्कतों से बचाएगा ये नया मॉडल
ऐसा कहा जा रहा है कि गूगल का यह कदम मार्केटिंग मॉडलिंग को और भी ज़्यादा पारदर्शी बनाने में सहायता करेगा। साथ ही डेवलपर्स को कस्टमर बेस तैयार करने में आसानी होगी। फ़िलहाल आप प्ले स्टोर से किसी ऐप को डाउनलोड करते हैं और उसमें सब्सक्रिप्शन मॉडल होता है तो आप उस ऐप को अपने फोन से डिलीट करने में ज़रा भी देरी नहीं करते। ऐसा करने से डेवलपर्स को प्रीमियम यूजर्स को आइडेंटिफाई करने में दिक्कत आती है।
इस परेशानी से बचने के लिए गूगल इस सब्सक्रिप्शन मॉडल को जल्द ही लॉन्च करने की तैयारी में जुटा गया है। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि यूजर्स को किसी सब्सक्रिप्शन वाले ऐप को इंस्टॉल और अनइंस्टॉल नहीं करना पड़ेगा।
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