जब से विजय माल्या भारत से 9000 करोड़ रुपए का कर्ज़ लेकर विदेश भागा है तब से लेकर भारत सरकार और प्रवर्तन निदेशालय पूरे प्रयास के साथ विजय माल्या के कर्ज को वसूलने का पूरा प्रयास कर रहा है और उसे भारत लाने का भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में ईडी ने जानकारी दी कि यूबी में विजय माल्या के शेयर की पहली हिस्सेदारी को बेबेच दिया गया है और माल्या से एक हजार आठ करोड़ रुपए वसूल किए गए हैं। शराब कारोबारी विजय माल्या 2016 से लंदन में रह रहा है और उसके ऊपर भारत के अलग-अलग बैंकों से 9000 करोड़ रुपए कर्ज लेकर ना लौटाने का आरोप है। भारत सरकार और प्रवर्तन निदेशालय उससे कर्ज वसूलने की तैयारी में लगा है और उसे लंदन से भारत प्रत्यर्पित करने के मामले में भी बातचीत जारी है।
इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने विजय माल्या को फेरा उल्लंघन के मामले में उसकी बेंगलुरु स्थित संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। उसने राज्य सरकार पुलिस को आदेश दिया कि 10 जुलाई तक माल्या की सभी संपत्तियों को कुर्क किया जाए। बेंगलुरु पुलिस की ओर से बताया गया कि उसने विजय माल्या के 159 संपत्तियों की पहचान की है लेकिन अभी वह इसमें से कुछ भी कुर्क नहीं कर पाई। 10 जुलाई तक इन सभी संपत्तियों को कुर्क किया जाना है। उसी दिन इस मामले पर अगली सुनवाई भी होगी।
दिल्ली की अदालत ने माल्या के खिलाफ 12 अप्रैल 2017 को बेमियादी गैर जमानती वारंट जारी किया था। शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और उसे लंदन से भारत लाने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले विजय माल्या ने एक बार ट्वीट करके बताया था कि सरकार उससे कर्ज से 4000 करोड़ रुपए अधिक वसूल करने के चक्कर में लगी हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्दी माल्या को लंदन से भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा।

