हमारे भारत देश में ऐसे बहुत से लोग है जो खाने की कदर नहीं करते। जी हां ऐसे लोग जिन्हे तीन वक्त की मिलने वाली रोटी को मिट्टी में मिलाने में दो पल भी लगते। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो ऐसे लोग बचे हुए खाने को आसानी से कूड़ेदान में या कही बाहर फेंक देते है। जब कि एक देश ऐसा भी है जो इसी खाने के लिए तरसते है। आपको जान कर हैरानी होगी कि इस देश में लोग मिट्टी से बनी रोटी खाते है, क्यूकि यह उनकी मर्जी नहीं बल्कि मज़बूरी है।
मिट्टी से बनी रोटी खाते इस देश के लोग..
अब जाहिर सी बात है कि हर व्यक्ति को पेट भरने के लिए किसी न किसी चीज की जरूरत तो पड़ती है। यही वजह है कि इस देश के लोग अपना पेट भरने के लिए ये रास्ता अपनाते है और अपना पेट भरते है। बहरहाल हम यहाँ जिस देश की बात कर रहे है, उस देश का नाम हैती है। दरअसल यह देश जरूरत से ज्यादा गरीब है और इस देश के लोग गरीबी में अपना जीवन बीता रहे है। इसलिए इन लोगों के पास खाना बर्बाद करना तो दूर की बात, खाने के लिए भी कुछ नहीं है। जिसके चलते ये लोग ऐसी रोटियां खाने के लिए मजबूर है। बता दे कि इन लोगों के पास अनाज खरीदने के पैसे नहीं होते।
वैसे तो आपने फिल्मों में कई बार यह डायलॉग सुना होगा कि भूख इंसान को कोई भी गलत से गलत काम करने पर मजबूर कर देती है। मगर इस देश के लोग सच में भूख की वजह से क्या क्या बर्दाश्त कर रहे है, ये आप खुद जान गए होंगे। फ़िलहाल तो यहाँ के लोग मिट्टी से बनी रोटी खाते है और अपना पेट भरते है, लेकिन अगर हम भविष्य की बात करे तो आगे चल कर इनके देश में कुछ सुधार भी हो सकते है। मगर अभी तो इस देश की हालत काफी खस्ता है और अगर आप यहाँ रहने वालों के लिए कुछ करना ही चाहते है तो खाना बर्बाद न करे और इन लोगों की मजबूरी को ध्यान में रखते हुए ही खाने की कदर करना सीखे।


