आजकल तो लोग अक्कर लोगो को देखा जाता हैं कि लोग ठंड के सीजन में छुट्टियों का आनंद लेने के लिए मां वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करने के लिए निकल जाते है। वहीं, जम्मू कश्मीर के इस सुहाने मौसम में मां वैष्णों देवी के दर्शन करना और तमाम जगहों पर घूमने का आनंद लेना एक अलग ही अनूभूति कराता है। आपको बता दें कि मां वैष्णो देवी मंदिर एक धार्मिक डेस्टिनेशन है और यहां आस-पास कई ऐसी और भी जगहें हैं जो घूमने लायक है। तो अगर आप ठंड के सीजन में अपना हॉलिडे ट्रिप पर जाने की सोच रहे है। तो वैष्णो देवी मंदिर के साथ आज इन जगहों के बारे में भी पढ़िेये जहां आप घूम सकते है।

कटरा का पवित्र स्थान त्रिकुटा पर्वत
मां वैष्णों देवी धाम में त्रिकुटा पर्वत कटरा का एक पवित्र स्थान और पर्यटक स्थल है। जो माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए जो भी श्रद्धालु आते है उनके लिए यह आकर्षण का केंद्र माना जाता है। वहीं, त्रिकुटा पर्वत देवघर से दुमका के रास्ते में 10 कि.मी. दूर है और 752 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। जिसे लोग त्रिकूटाचल के नाम से भी जानते है। क्या आपको ये पता है कि इस पवित्र स्थल पर त्रिकुटाचल महादेव मंदिर नामक एक शिव मंदिर भी स्थित है। जहाँ भगवान शिव और देवी त्रिशूली की पूजा की जाती है। त्रिकुटा पर्वत कटरा में ठंड के सीजन में घूमने के लिए सबसे आकर्षक जगहों में से एक मानी जाती है और यह स्थान ज्यादातर पिकनिक स्थल के रूप में लोग जानते है।
प्रसिद्ध भैरों मंदिर
वहीं, जम्मू में भैरों मंदिर त्रिकुटा पर्वत के नजदीक पहाड़ी पर 2 हजार 017 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर के बाद अगले तीर्थस्थल के रूप में कार्य करता है। जहाँ ज्यादा संख्या में तीर्थयात्रि घूमने के लिए आते है। यह मान्यता है कि माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा तभी पूरी मानी जाती है। जब भक्त भैरों मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जाते है। इसीलिए आप जब भी वैष्णो माता मंदिर और वैष्णो देवी मंदिर के नजदीकी पर्यटक स्थलों की यात्रा पर आयें तो भैरों मंदिर के दर्शन के लिए भी जरूर जाएँ। वैष्णो देवी मंदिर के आसपास घूमने की जगहें में शामिल भैरव मंदिर का एक हवन कुंड भी एक महत्वपूर्ण आकर्षण के रूप में चिह्नित है। जिसकी राख को बहुत ज्यादा पवित्र मानते है।
कटरा में स्थित बाण गंगा मंदिर
आपने कटरा में स्थित बाण गंगा के बारे में तो सुना ही होगा। जहाँ लोग माता वैष्णो देवी यात्रा पर जाने से पहले डुबकी जरूर लगाते है। जबकी कुछ श्रद्धालु वैष्णो देवी के दर्शन के बाद यहाँ घूमने के लिए आते है। वहीं, हिमालय की शिवालिक श्रेणी के दक्षिणी ढलान से उत्पन्न, बाण गंगा नदी का नाम दो शब्दों “बान” और “गंगा” से पड़ा है जो भारत की पवित्र नदी गंगा के लिए चिन्हित है। इस प्रकार, इस नदी को गंगा नदी का जुड़वां भी माना जाता है। वैष्णो देवी मंदिर के आसपास घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें में से एक बाण गंगा नदी में दो घाट हैं जहां बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने के लिए पहुंचते है।
वास्तुकला को दर्शाता गीता मंदिर
जैसा कि आपको बता दें कि गीता मंदिर माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा में पड़ने वाला एक प्रसिद्ध मंदिर है। हालांकि, यह पवित्र मंदिर बाण गंगा पुल के पास ही स्थित है और सुंदर वास्तुकला का को भी दर्शाता है। मंदिर को माता वैष्णो देवी यात्रा में आगे बढ़ने से पहले तीर्थयात्रियों के लिए कुछ आराम करने के लिए एक स्थान के रूप में भी जानते है। बता दे इस मंदिर के करीब एक और मंदिर है जिसे प्रथम चरण मंदिर भी कहते है।
लोकप्रयि गुफा अर्धकुवारी
वैष्णो देवी मंदिर के आसपास घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक अर्धकुवारी गुफा है। बता दे यह गुफा वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग में ही स्थित है जो तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम भवन के रूप में भी इस्तेमाल होती है। 52 फीट लंबी इस गुफा को गर्बाजून गुफा के रूप में भी जाना जाता है। क्योंकी गुफा का आकार बिल्कुल माता के गर्भ जैसा है। इस गुफा से जुडी एक पौराणिक कथा भी काफी प्रसिद्ध है जिसके अनुसार माना जाता है कि जब माता वैष्णो ने भैरव वध किया था तो उसका सिर घाटी में उड़ गया, जबकी उसका शरीर अर्ध कुवारी गुफा में ही रह गया था।
मशहूर चरण पादुका मंदिर
कटरा में स्थित 1 हजार 030 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, चरण पादुका मंदिर वैष्णो देवी मंदिर के आसपास घूमने की सबसे अच्छी जगहों में से एक माना जाता है। वहीं, चरण पादुका मंदिर का प्रमुख आकर्षण माता वैष्णो देवी के पैरों के निशान है, जिन्हें एक चट्टान पर देखा जा सकता है। यह मंदिर पहले छोटा था लेेकिन अब इसे बड़े मंदिर के रूप में बना दिया गया है और अब निरंतर वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा के दौरान यहाँ आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढती जा रही है। इसीलिए आप जब भी माँ वैष्णो देवी के दरबार पर आयें तो अपना कुछ समय निकालकर चरण पादुका मंदिर भी दर्शन के लिए जरूर आयें।

