कोरोना का संकट में दुनियाभर के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ख़ासकर रोज़ी रोटी के मामले में तो परेशानियों का जवाब नहीं। ऐसे में भारत में गरीब मजदूरों के घरों में दो वक़्त चूल्हे का जल पाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना दौर में देश में 40 मिलियन लोग नौकरी से हाथ धो बैठे हैं। काम ना होने पर कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही हैं। ऐसे में श्रमिक बंधु नाम के एक ऐप को लॉन्च किया गया है जिससे कि प्रवासी और दिहाड़ी मजदूरों को रोज़गार संबधित परेशानियों का हल मिल सकेगा।
बेरोज़गारी से मिलेगी निजात
कोरोना काल में देश की आबादी पर बेरोज़गारी का बेहद बुरा असर पड़ा है। इस कारण धीरे-धीरे चीज़ों को वापस पटरी पर लाने के लिए रोज़गार जैसे विषयों पर तेज़ी से काम करने के लिए कदम भी उठाए जा रहे हैं। अब जैसे कि प्रवासियों और दिहाड़ी मजदूरों के रोज़गार की तलाश में सहायता प्रदान करने के लिए ‘श्रमिक बंधु ऐप’ को लॉन्च किया गया है। इस ऐप की सहायता से प्रवासी और दिहाड़ी मजदूरों को नौकरी ढूंढने में मदद मिल सकेगी।
सभी कैटेगिरी की नौकरियां
अपको बता दें कि कोविड – 19 के कारण बेरोजगारी झेल रहे लोगों की सुविधा के लिए दिल्ली के ई-मोबिलिटी के सह-संस्थापक विकास बंसल ने पृषिटेक के डायरेक्टर शैलेश डंगवाल के साथ मिलकर श्रमिक बंधु ऐप लॉन्च किया है। इसमें मैनुफैक्चरिंग, निर्माण, अस्पताल, परिधान, चमड़ा, विद्युत, स्टील और ऑमोबाइल सेक्टर जैसी हर कैटेगिरी शामिल हैं। इनमें श्रमिक व दिहाड़ी कारपेंटर, मैसन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, डोमेस्टिक हेल्प, गार्डनर और ड्राइवर आदि की नौकरी ढूंढ सकते हैं।
एंड्रॉयड यूजर्स इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। देश में कहीं भी इसका लाभ उठाया जा सकता है। यह ऐप हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। श्रमिकों के कौशल और लोकेशन के हिसाब से इसमें नौकरी मिल सकेगी। यह ऐप देश के किसी भी कोने में अपको रोज़गार दिलाने में मददगार साबित होगा।
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