ABCD और ABCD 2 के बाद रेमो डिसूजा फिर आए हैं एक डांस मूवी लेकर। स्ट्रीट डान्सर 3d एक चमक-धमक वाली डांस मूवी है। कहानी अगर देखें तो वही पुरानी सी लगती है। कहानी ज्यादातर सहज(वरुण धवन) और इनायत(श्रद्धा कपूर) के इर्द-गिर्द है जो कि कट्टर दुश्मन हैं उनके भारतीय और पाकिस्तानी होने की वजह से। फिल्म के फर्स्ट हाफ में दोनों या तो क्रिकेट या डांस को लेकर लड़ते हुए दिखते हैं। दोनों के अपने डांस ग्रुप्स हैं, सहज के स्ट्रीट डांसर्स और इनायत के रूल ब्रेकर्स। दोनों ही ग्रुप्स एक दूसरे के खिलाफ एक कॉम्पिटिशन जीतने के लिए लड़ते हैं, जब तक कि प्रभु देवा फिल्म के फर्स्ट हाफ के आखिर में उनको वहां रह रहे प्रवासियों के बारे में नहीं बताते। फिल्म का दूसरा हाफ एक लक्ष्य को हासिल करने की कहानी है।
स्ट्रीट डान्सर 3d वैसे तो एक डांस मूवी है लेकिन आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि मूवी खुद ये भूल जाती है कि वो मूवी है ना कि एक डांस रियलिटी शो जिसमे यहां वहां कहीं प्रतिभागियों की कहानी होती है। फिल्म की कहानी में आत्मा की कमी आप हर मिनट महसूस करेंगे। लेखक/निर्देशक रेमो डिसूजा जहां एक अच्छी कहानी पेश करने में नाकामयाब होते हैं वहीं जब बात कोरियोग्राफी की आती है तो वो कमाल कर जाते हैं। हर एक डांस नंबर देखने में आंखों को बहुत ही अच्छा लगता है।
वरुण धवन जहां डान्सर का रोल तो बहुत अच्छा निभाते हैं, वो अभिनय के नाम पर औसत प्रदर्शन करते हैं। ABCD2 के मुकाबले वरुण ने अपने डांस में बहुत सुधार किया है और उनको डांस करते देखना बहुत अच्छा लगता है। श्रद्धा कपूर एक्टिंग और डांस दोनों करते हुए अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से बहुत प्रभावित करती हैं। हालांकि, श्रद्धा अपने आस पास डांस कर रहे प्रोफेशनल डांसर्स के बराबर तो नहीं हैं, लेकिन उनकी मेहनत साफ झलकती है। प्रभु देवा के मुकाबला का कोई मुकाबला नहीं। ये अकेला आपकी मूवी के पैसे वसूल कर सकता है। नोरा फतेही हर सीन में गजब हैं और उन्होंने अपने आस पास के डांसर्स के मुकाबले बखूबी डांस किया।
मूवी टेक्निकल पार्ट पर बहुत बेकार है। नाम में 3D होने के बाद भी फिल्म का 3D हर फ्रेम में घटिया है। इस फिल्म का 3D इतना बेकार है कि कई बार आपको परेशान कर देता है, खासकर तब जब शॉट में बाल या कपड़ों में fur है। फिल्म के डायरेक्टर और VFX टीम दोनों ही 3D का इस्तेमाल ऐसे कई शॉट्स में नहीं करते जहां करना चाहिए। मेरी राय में अगर 2D कि टिकट सस्ती है तो 3D पर पैसा बर्बाद ना करें। फिल्म में कई जगह डीटेल्स पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जैसे एक सीन में वरुण धवन का चेस्ट टैटू ही फ्लिप है।
फिल्म का म्यूजिक फिल्म कि बीट के साथ मेल खाता है। म्यूजिक में वो सारा धूम-धाम है जो कि एक अच्छे डांस ड्रामा को साकार कर सके। नोरा फतेही सर्दी में वाकई गर्मी ला देती हैं। मैनू पिंड जाना है फिल्म को उसकी लापता आत्मा देने की कोशिश करने में असफल होता है। दुआ करो वरुण का घरवापसी सॉन्ग है। सचिन-जिगर के म्यूजिक ने इस फिल्म को वो बनाया है जो ये है।
सब कुछ देखने के बाद कहा जा सकता है कि बेशक स्ट्रीट डान्सर 3 डी एक डांस मूवी है लेकिन ये डांस पर कुछ ज्यादा और कहानी पर बहुत कम ध्यान देती है। अगर आपको बड़े परदे पर शानदार डांस देखने का शौक है तो ये मूवी आपके लिए है।
चूंकि मूवी वो बनने की कोशिश करती है जो कि ये नहीं है इसलिए आधा स्टार और काट कर मेरी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार।