रजनीकांत: एक ऐसा सुपरस्टार जिसे कई लोग भगवान मानते हैं। उनके नाम का मंदिर स्थापित करते हैं। उनकी फिल्मों के प्रति ऐसा क्रेज होता है कि रिलीज के दिन छट्टी घोषित कर दी जाती है। लोग उनकी फिल्म देखने इस तरह उमड़ते हैं, जैसे मेले की कोई भीड़ हो।
ये सुपरस्टार हैं रजनीकांत। आज ही के दिन 1950 को एक मराठी परिवार में रजनीकांत का जन्म हुआ। इनका असली नाम शिवाजीराव गायकवाड़ है। लोगों की दिलों में भगवान की तरह बसे रजनीकांत का जीवन बहुत कठिन परिस्थिति में बीता। घर की स्थिति सही नहीं होने के कारण कम उम्र में ही छोटे-मोटे काम शुरू कर दिए। शुरूवाती दौर में कभी कूली का काम किया, कभी कारपेंटर तो कभी बस कंडक्टर की नौकरी की।
चार भाई बहनों में सबसे छोटे रजनीकांत ने परिवार की देखरेख में पूरा सहयोग किया। इसके साथ उन्होंने स्कूली पढ़ाई भी जारी रखी। स्कूल में अक्सर नाटकों में प्रतिभाग करते थे। यहीं से उनके अंदर सिनेमा के प्रति लगाव पैदा हुआ। उन्होंने कन्नड़ रंगमंच पर भी काम किया। 1973 में रजनीकांत मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट पहुंचे और यहां से फिल्मी जगत में उनकी चहल पहल शुरू हुई। फिल्म डायरेक्टर के बालचंद्रन ने उन्हें फिल्म में पहला मौका दिया। 1975 के बाद रजनीकांत फिल्म जगत में छा गये। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी। उन्होंने थलापति, अन्नामलाई, बाशा, शिवाजी, चंद्रमुखी, रोबोट जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं।
रजनीकांत सिर्फ एक फिल्म एक्टर ही नहीं बल्कि एक आदर्श के रूप में स्थापित हो चुके हैं। बच्चों से लेकर बूढ़े तक उनकी फिल्मों के दिवाने हैं। फिल्म इंडस्ट्री के प्रति उनके इस योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 2000 में उन्हें पद्मभूषण से नवाजा।