इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन की समाप्ति हो चुकी है, साथ ही इस सीजन का खिताब टीम मुंबई इंडियंस ने जीत लिया है। आपको बता दें कि पिछले शाम हुए फाइनल मैच में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को एक रन से हराकर इंडियन प्रीमियर लीग का या सीजन अपने नाम कर लिया है। इसी के साथ मुंबई इंडियंस का यह चौथा सीजन है, जिसमें वो विजयी रहे हैं। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स का यह पांचवा सीजन है, जिसमें वह फाइनल में हार गई है। इस तरह अब तक चेन्नई सुपर किंग्स तीन सीजन का विजेता है और वहीं मुंबई इंडियन्स चार सीजन की विजेता हो चुकी है। आंकड़ों की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स को अब तक तीन बार फाइनल मैच में मुंबई इंडियंस टीम से हार का सामना करना पड़ा है।
हमने इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में बीते दिनों मैं देखा है कि नियमों क्यों लंदन की वजह से कई खिलाड़ियों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और साथी जुर्माना भी भरना पड़ा। हमने देखा था कि एक मैच के दौरान अंपायर के नो बॉल ना देने पर लेकर महेंद्र सिंह धोनी काफी उत्तेजित हो गए थे और पवेलियन से निकलते हुए सीधे मैदान में आ गए और फिर अंपायर से बहस करने लगे थे, जिस वजह से उन्हें उनकी मैच फीस की आधी धनराशि जुर्माने के रूप में गवानी पड़ी थी।
ऐसा ही पिछले दिन हुए चेन्नई सुपर किंग और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे फाइनल मैच के दौरान घटना घटी। जिसमें अंपायर द्वारा वाइट बॉल को वाइट ना दिए जाने पर मुम्बई इंडियंस के खिलाड़ी किरन पोलार्ड काफी गुस्से में आ गए और उन्होंने अगली गेंदें खेलने से मना कर दिया। जिसको लेकर हाथी विवाद खड़ा हुआ। आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के लेवेल 1 ऑफेंस 2.8 के तहत द्वारा अंपायर के निर्णय से असहमति जताने की वजह से जुर्माना भुगतना पड़ा। इस जुर्माने के तौर पर किरन पोलार्ड को उनकी मैच फीस की पच्चीस प्रतिशत धनराशि को गंवानी पड़ी।

