हितेश पंत (नई दिल्ली)
देश में बेरोजगारी के आंकड़ें गंभीर होते जा रहे हैं। शिक्षित युवाओं के संख्या में बढ़ोतरी के मुकाबले रोजगार के अवसरों में बढ़ावा नहीं हो रहा है। अब हालात ये हैं कि देश में ज्यादा पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि केंद्र सरकार की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है।
केंद्र सरकार में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्नातक डिग्री वाले करीब 24 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। 29 साल की उम्र के इन युवाओं में कई ऐसे हैं जिनके पास स्नातक से ऊपर की डिग्री भी है। अधीनस्थ संस्था श्रम ब्यूरो के अनुसार साल 2015-16 में ग्रामीण क्षेत्रों में हुए सर्वे के बाद ये आंकड़ें सामने आए हैं।
रिपोर्ट में ये बात भी सामने आयी है देश में 18 से 29 साल के 2.3 प्रतिशत अशिक्षित युवा बेरोजगार हैं। जबकि प्राइमरी शिक्षा लिए 3.3 प्रतिशत युवा भी बेरोजगारों की लाइन में हैं। इंटरमीडिएट तक पढ़ाई करने वालों में 3.7 प्रतिशत युवाओं के पास रोजगार नहीं है।
शिक्षित बेरोजगारों की सबसे ज्यादा संख्या सिक्किम में है। यहां स्नातक या इससे ऊपर की डिग्री वाले 82 प्रतिशत युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। लक्ष्यद्वीप में 73, त्रिपुरा में 50, हिमाचल में 41 और झारखंड में 39 प्रतिशत युवाओं के पास रोजगार नहीं है। इन आंकड़ों से ये बात स्पष्ट होती है कि दूर दराज के राज्यों में बेरोजगारों की संख्या ज्यादा है।
