इंजीनियरिंग और साइंस के छात्रों के लिए बड़े तोहफे का ऐलान हुआ है। अगर आप अपने फील्ड में रिसर्च करना चाहते हैं तो आपको पैसों की कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि सरकार हर महीने 70 से 80 हजार रुपए की फैलोशिप देगी। इसके अलावा रिसर्च के सिलसिले में विदेश जाने के लिए भी सरकार अलग से पैसों की व्यवस्था करेगी।
देश के प्रतिभावान छात्रों को अब देश के अंदर ही रिसर्च से संबंधित बेहतर इंफ्रास्ट्रकचर और उचित छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) को केंद्रीय मंत्रीमंडल से मंजूरी मिल गई है। आईआईटी, एनआईटी या आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र अगर रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो उन्हें इस योजना से तहत फैलोशिप मिलेगी। फैलोशिप पाने वाले छात्रों को सीधा पीएचडी में एडमिशन मिलेगा।
पीएमआरएफ में चयन के लिए एक प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा में प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक फाइनल ईयर, एमटेक और एमएससी के छात्र शामिल हो सकेंगे। जो छात्र इस फैलोशिप के लिए चुने जाएंगे उन्हें पहले दो साल तक 70,000 रुपए प्रति माह, तीसरे साल में 75,000 हजार और चौथे तथा पांचवे साल में 80,000 हजार रुपए प्रति माह की फैलोशिप दी जाएगी। इसके अलावा हर रिसर्च फैलो को विदेशों में अपना रिसर्च पेपर पेश करने और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए 2 लाख रुपए की अलग व्यवस्था होगी।
इस फैलोशिप के तहत हर साल 1000 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्र आईआईएससी जैसे कॉलेजों में रिसर्च कर सकेंगे। ये फैलोशिप 2018-19 के एकेडमिक सेशन से शुरु होगी। कॉलेजों में रिसर्च के लिए ये अब तक की सबसे बड़ी फैलोशिप है। ये फैलोशिप आईआईटी, एनआईटी जैसे कॉलेज में पढ़ने वाले प्रतिभावान छात्रों का दूसरे देश में पयालन रोकने में काफी हद तक मददगार साबित होगी।


