काफी अनिश्चितताओं और नाटकीयता के बाद शीर्ष चार टीमें तय हो गईं। जो टीमें सबसे संतुलित थीं उन्होंने शीर्ष पर जगह बना ली। अगर लीग चरण के नतीजों को संकेत मानें तो पहले क्वालीफायर में मुंबई स्पष्ट दावेदार के तौर पर उतरेगी। मुंबई की टीम में जो सबसे खास बात है वो यह कि टीम मुकाबले के किसी भी पड़ाव पर विपक्षी आक्रमण को तहस-नहस कर सकती है। टीम के शीर्ष क्रम में तो धाकड़ नाम है। छठे और सातवें नंबर पर पोलार्ड और हार्दिक जैसे खिलाड़ी हैं कोई भी विपक्षी टीम इस बात को हल्के में नहीं ले सकती। दिल्ली के खिलाफ मुंबई इंडियंस को अपनी मजबूत अंतिम ग्यारह को मैदान में उतारेगी।
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बुमराह और बोल्ट के रूप में मुंबई इंडियंस को तेज गेंदबाजी भी सुरक्षित रखेगी। स्पिनरों का प्रदर्शन भी बेहतरीन है और उसका शानदार क्षेत्ररक्षण मुंबई को मजबूत टीम बनाती है। दूसरी ओर दिल्ली का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव वाला रहा है। जिस टीम ने लीग के पहले हाफ में दबदबे भरा प्रदर्शन किया उसे दूसरे चरण में असफलता मिली। धावन पर अधिक निर्भरता और कप्तान से शहर के अनियमित प्रदर्शन से पता लगाना मुश्किल है कि टीम कब अच्छा प्रदर्शन करेगी और कब खराब। इस मामले में मुंबई की टीम को काफी अनुभव है उसे पता है कि महत्वपूर्ण मुकाबले कैसे जीते जाते हैं।
उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अवसर आने पर अपनी चमक बिखेरते हैं वह पहले भी कई मौकों पर नियमित रूप में ऐसा कर चुके हैं। अगर दिल्ली को मुकाबले में बने रहना है तो फिर उसे अपना संयोजन सही करना होगा टीम के लिए अब तक गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जबकि बल्लेबाजी में सफलता विफलता का सिलसिला लगातार चला आ रहा है अगर दिल्ली को मुंबई से पार पाना है तो हर खिलाड़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा लीग के ग्रुप चरण के अंत में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को सफलता मिल रही है। लेकिन प्लेऑफ में अलग तरह का बदलाव होता है।