जैसा कि आपको बता दें कि मिर्जापुर वेब सीरीज का तीसरा पार्ट पांच जुलाई को रिलीज हो रहा है। मिर्जापुर की कहानी क्या किसी माफिया पर आधारित है या फिक्शन है। मिर्जापुर, नाम से ही अलग तरह का एहसास है। खासतौर पर वेब सीरीज आने के बाद तो मिर्जापुर के नाम पर ही लोगों को खौफ वाली फीलिंग आती है। जिस तरह से रक्तांचल, भौकाल, रंगबाज वेब सीरीज को माफियाओं के ऊपर बनाया गया है उसी तरह से मिर्जापुर वेब सीरीज के पीछे किसकी कहानी है? ये जानने को सब आतुर हैं। हालांकि कई सालों पहले मिर्जापुर में इस तरह की दबंगई हुआ करती थी लेकिन अब एक आदर्श जिले के रूप में जाना जाता है।
किसका है पंकज त्रिपाठी का रोल
मिर्जापुर वेब सीरीज में पंकज त्रिपाठी का किरदार शक्ति, भय, क्रूरता, वफादारी, नैतिकता और हास्य से भरपूर रहा है। ऐसा ही व्यक्तित्व जौनपुर के सांसद धनंजय सिंह का है जिनका विवादों से पुराना नाता रहा है और एक समय था जब उन पर 50 हजार का ईनाम रखा गया था। धनंजय सिंह एक ऐसे शख्स हैं अलग-अलग विवादों के चलते अक्सर चर्चा में रहते हैं l ये टिप्पिणियां हमारी नहीं बल्कि सोशल मीडिया में दर्शकों द्वारा की गई है। एक समय था कि जब पूर्वांचल में मुख्तार, बृजेश सिंह समेत कई माफियाओं का दबदबा रहा लेकिन मिर्जापुर की कहानी इन पर आधारित नहीं है। इसकी कहानी काल्पनिक है।
खास बात
इसके इतर दर्शकों का कहना है कि ये कहानी मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह गैंग से प्रभावित है। पूर्वांचल में एक दौर पर जो उनका खौफ था उसे ही वेब सीरीज में दिखाने के प्रयास किया गया है। जबकि सीरीज के निर्माताओं का कहना है कि ये फिक्शन स्टोरी है। इस सीरीज की कहानी को किसी व्यक्तिगत इंसान से नहीं जोड़ा गया।