विशेषज्ञों के अनुसार देखा जाए तो बेड पर बैठकर खाते समय आप काफी रिलेक्स होकर बैठते या लेटते हैं। भोजन के दौरान ये दोनों ही पोस्चर आपके पाचन रस के नेसर्गिक प्रवाह को बाधित कर देते हैं। इसके कारण आपके पाचन तंत्र पर विपरीत प्रभाव होता है। जिससे आपको पेट में भारीपन हो सकता है और यह एसिड रिफ्लक्स का कारण बन जाता है। इसलिए भोजन हमेशा सीधे बैठकर ही करना चाहिए।
जब आप बेड पर बैठकर खाते हैं तो अक्सर भोजन के कण बिस्तर और चादर में चले जाते हैं। इससे बेड में फंगस इंफेक्शन और संक्रमण हो सकता है। जिससे एलर्जी, श्वास संबंधी परेशानियां या अन्य संक्रमण होने का डर रहता है।
यह सुनने में अजीब लग सकता है पर ये सच है। दरअसल लोग बेड पर बैठकर खाना इसलिए खाते हैं, जिससे वे आराम से टीवी या मोबाइल देखते हुए भोजन कर सकें। ऐसे में ध्यान भोजन से हटकर स्क्रीन पर केन्द्रित हो जाता है। ऐेसे में आप कितना भोजन कर रहे हैं, इसका अनुमान नहीं लग पाता जिससे ओवर ईटिंग कई वजह से आपका वजन बढ़ सकता है।
बेड पर भोजन करने से नींद भी प्रभावित हो सकती है। इसके पीछे कारण ये है कि हमारा मस्तिष्क किसी विशे जगह से सम्बंधित क्रियाकलापों को पहचानते है। बिस्तर पर हम सेते हैं ये बात हमारा मस्तिष्क समझता है लेकिन बेड पर खाने से मस्तिष्क कंफ्यूज हो सकता है जिससे सोने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा साफ बिस्तर पर नींद अच्छी आती है। लेकिन जब आप बेड पर कुछ खाते हैं तो गंदगी के कारण भी आपको अच्छी नींद नहीं आ पाती है।